रीवा: रविवार शाम रीवा में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे शहर में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
कांग्रेस कार्यालय के सामने गूंजा ‘वंदे मातरम्’
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा और जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए और वहां जोरदार तरीके से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभालते हुए भाजपा नेताओं के खिलाफ ‘चंदा चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आ जाने से मौके पर काफी गहमा-गहमी और तनावपूर्ण माहौल बन गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, शांत कराया माहौल
स्थिति के बेकाबू होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने दोनों पक्षों के उग्र कार्यकर्ताओं को अलग करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत की। पुलिस की समझाइश और मुस्तैदी के बाद आखिरकार माहौल शांत हुआ, हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर काफी देर तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।
दोनों दलों के अपने-अपने तर्क
भाजपा नेताओं का स्पष्ट कहना था कि राष्ट्रीय सम्मान और राष्ट्रगीत से जुड़े विषय पर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का रवैया बेहद आपत्तिजनक है, जिसके विरोध स्वरूप उन्होंने कांग्रेस कार्यालय के सामने जाकर ‘वंदे मातरम्’ गाया है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट बताया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। फिलहाल इस घटना के बाद से रीवा का सियासी पारा गर्माया हुआ है।




