जगदलपुर। देश को दहला देने वाला झीरम घाटी नरसंहार में बुधवार को एनआईए की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 10 माओवादियों को दोषी करार दिया है। उनके लिए कोर्ट सजा मुकर्रर करते हुए मृत्युदंड सुनाया है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने अपने निर्णय मेें इन सभी अभियुक्तों को दोषी बताया था। एनआइए ने वर्ष 2015 में करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी और कोर्ट में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे। इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी, जिनमें से एक आोरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है।
जेल में बंद है सभी आरोपी
झीरम घाटी नरसंहार के सभी दोषी माओवादी प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चौतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा वर्तमान में यहां केंद्रीय कारागार में बंद हैं। एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
विद्याचरण समेत 32 लोगो की हुई थी हत्या
जानकारी के तहत 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जगदलपुर जिला अंतर्गत दरभा के झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार और योगेंद्र शर्मा आदि कांग्रेस नेताओं, सुरक्षा बल के जवानों और आम नागरिकों को मिलाकर कुल 32 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 38 लोग घायल हुए थे।




