रीवा कलेक्टर कार्यालय में गूंजी सड़कों की बदहाली की दास्तान, जनसुनवाई में उमड़ी ग्रामीणों व बच्चों की भीड़

Tales of the deplorable state of roads echoed in the Rewa Collector's office.

रीवा जिला कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में इन दिनों गांवों से आने वाले सड़क और मूलभूत समस्याओं के आवेदनों का तांता लगा हुआ है। यहां अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पुरुष और महिलाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी बड़ी संख्या में अपनी पीड़ा लेकर पहुंच रहे हैं।

ताज़ा मामला गोविंदगढ़ क्षेत्र के मड़वा हरिजन बस्ती का है, जहां दबंगों द्वारा रास्ता रोके जाने से परेशान करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर 200 परिवारों के लिए स्थायी सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग उठाई है।

इसी तरह बैकुंठपुर, बेलहाई, सेमरिया के बरौ गांव और किटवारिया गांव से पहुंची महिलाओं और बच्चों ने सड़क, बिजली, पानी और मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधाओं के गंभीर अभाव का हवाला देते हुए कलेक्टर से स्वयं गांव का दौरा करने की गुहार लगाई है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क न होने के कारण बैसा गांव के करीब 100 परिवारों के मासूम बच्चे पिछले एक महीने से स्कूल जाने तक से वंचित हैं। प्रशासनिक व्यवस्थाओं की इस अनदेखी के चलते ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिल रही है।

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