Aatm Manthan : यूँ तो ये जग माया जाल है ,यहाँ रहकर कोरी आत्मा पर […]
Tag: आत्म मंथन
कहाँ छुपी है आपके मन शांति ,आपका सबसे बड़ा धन !
Aatm Manthan :मन की शांति से बड़ी कोई संपत्ति है क्या ! शायद आप खोजते […]
महाभारत करें कि न करें ये उचित है या अनुचित !
Aatm Manthan :महाभारत सही थी या ग़लत, शायद सही ही थी क्योंकि कभी-कभी बिना महाभारत […]
ये दुनिया गोल है
Aatm Manthan :जहाँ एक तरफ किसी को हमारी ज़रूरत नहीं है , जैसे ख़्याल हमें […]
हम किसी काम के लायक़ नहीं तो किसी के काम के भी नहीं!
Aatm Manthan :आप कितने भी कर्मठ हों लेकिन एक वक़्त वो भी आयेगा जब आपको […]
ज़िंदगी की पहेली
Aatm Manthan :क्या ज़िंदगी एक पहेली है और क्या वाक़ई इसको सुलझाना इतना मुश्किल है […]
आत्म मंथन: खुद को बेसहारा समझ के क्या रोना
आपको नहीं लगता बेसहारा , शब्द हमें लाचारी और मायूसी से भर देता है ,अगर […]
ढोंग बहुत दिन तक नहीं टिकता
न्याज़िया मंथन। आपको नहीं लगता कोई कितना भी दिखावा करले, अपने असल चरित्र को छुपाने […]
उनसे क्या घबराना या इतराना जो आज है कल नहीं
न्याज़ियामंथन। जी हां हमारे जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है ,सब कुछ नश्वर है […]
