रीवा SGMH में जच्चा-बच्चा की मौत पर बड़ा बवाल: अधीक्षक हटाए गए, डीन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

Superintendent removed in mother-infant death case at SGMH Rewa.

रीवा: संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) में इलाज में कथित लापरवाही के चलते कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की दर्दनाक मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

अधीक्षक हटाए गए, नए अधीक्षक की नियुक्ति
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए SGMH अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. प्रियंक शर्मा को नया अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। हालांकि, नए अधीक्षक को डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का करीबी माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

डीन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
एक तरफ जहां अधीक्षक को हटा दिया गया है, वहीं मेडिकल कॉलेज के डीन के अपने पद पर बने रहने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। केवल अधीक्षक पर गाज गिरने और डीन पर कार्रवाई न होने से यह मामला एकतरफा प्रतीत हो रहा है। जानकारों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल एक अधिकारी की नहीं, बल्कि शीर्ष प्रशासनिक तंत्र की भी है।

उपमुख्यमंत्री के गृह जिले में वीवीआईपी दौरे और लाचार व्यवस्था
चूंकि रीवा मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी बढ़ा दी है। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित इलाज मुहैया नहीं कराया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ वीवीआईपी और मुख्यमंत्री के दौरे चल रहे थे, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के भीतर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह लाचार नजर आ रही थीं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन इस मामले में केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर देगा, या फिर पूरे प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाकर डीन तक की जवाबदेही तय की जाएगी? पीड़ित परिवार और आम जनता न्याय की उम्मीद में शासन के अगले कदम का इंतजार कर रही है।

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