Story Of LPG: आज दुनिया के करोड़ों घरों में खाना बनाने के लिए जिस गैस का इस्तेमाल होता है, उसे एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (Liquefied Petroleum Gas – LPG) कहा जाता है। भारत में तो यह लगभग हर रसोई का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आखिर एलपीजी गैस बनती कैसे है (How LPG Is Made), एलपीजी की खोज किसने की (Who Discover LPG) और दुनिया में एलपीजी इस्तेमाल कैसे शुरू हुआ। (How LPG started being used in the world)
LPG की खोज कैसे हुई
How was LPG discovered: LPG की कहानी 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। साल 1910 में अमेरिका के वैज्ञानिक डॉ. वॉल्टर स्नेलिंग (Father Of LPG Gas Dr. Walter O Snelling) ने सबसे पहले यह खोज की कि कच्चे तेल (Crude Oil) से निकलने वाली कुछ गैसें दबाव डालने पर तरल रूप में बदली जा सकती हैं।
दरअसल उस समय पेट्रोल को स्टोर करना मुश्किल होता था, क्योंकि उससे गैस निकलकर उड़ जाती थी। स्नेलिंग ने जांच की तो पता चला कि इसमें प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) नाम की गैसें होती हैं।उन्होंने इन गैसों को अलग किया और दबाव में रखकर तरल बनाया। यही आगे चलकर LPG कहलाया।1912 में उन्होंने LPG को स्टोर करने और इस्तेमाल करने की तकनीक भी विकसित कर ली।
सबसे पहले किस देश में LPG का इस्तेमाल हुआ
In which country was LPG used first: सबसे पहले अमेरिका (United States) में LPG का इस्तेमाल शुरू हुआ। शुरुआत में इसका उपयोग घरों में नहीं बल्कि इंडस्ट्री और गैस लैंप में किया जाता था।
1920 के दशक में अमेरिका और यूरोप में LPG को खाना पकाने और हीटिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई क्योंकि:
- यह लकड़ी और कोयले से ज्यादा साफ ईंधन था
- इसमें धुआँ नहीं होता
- इसे सिलेंडर में आसानी से स्टोर किया जा सकता था
LPG बनती कैसे है – आसान भाषा में समझिए
How is LPG made: असल में LPG दो तरीकों से बनती है:
1. कच्चे तेल (Crude Oil) से
जब कच्चे तेल को ऑयल रिफाइनरी (Oil Refinery) में प्रोसेस किया जाता है, तो उसमें से कई तरह के प्रोडक्ट निकलते हैं जैसे:
- पेट्रोल (Petrol)
- डीजल (Diesel)
- केरोसिन (Kerosene)
- और LPG
रिफाइनरी में जब तेल को गर्म किया जाता है, तो अलग-अलग तापमान पर अलग-अलग पदार्थ निकलते हैं। इसी प्रक्रिया में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस भी निकलती है, जिन्हें बाद में मिलाकर LPG बनाई जाती है।
2. प्राकृतिक गैस (Natural Gas) से
LPG का एक बड़ा हिस्सा नेचुरल गैस फील्ड (Natural Gas Fields) से भी निकलता है।
जब जमीन के नीचे से प्राकृतिक गैस निकाली जाती है, तो उसमें भी प्रोपेन और ब्यूटेन मौजूद होते हैं। इन्हें अलग करके तरल रूप में बदल दिया जाता है।
गैस को तरल क्यों बनाया जाता है
LPG को सिलेंडर में भरने के लिए इसे दबाव डालकर तरल (Liquefied) बनाया जाता है।
क्योंकि:
- गैस को तरल बनाने से उसका आकार बहुत छोटा हो जाता है
- इसे आसानी से सिलेंडर में स्टोर और ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है
जब आप सिलेंडर का रेगुलेटर खोलते हैं, तो वही तरल गैस फिर से गैस बनकर बाहर आती है और चूल्हे में जलती है।
दुनिया में किन देशों में LPG मिलती है
Which countries in the world have LPG: आज लगभग पूरी दुनिया में LPG का इस्तेमाल होता है।
सबसे ज्यादा उत्पादन इन देशों में होता है:
- अमेरिका (United States)
- सऊदी अरब (Saudi Arabia)
- रूस (Russia)
- कतर (Qatar)
- चीन (China)
वहीं भारत (India) दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ताओं में से एक है। भारत में इंडियन ऑयल (Indian Oil), भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) जैसी कंपनियां LPG सप्लाई करती हैं।
जमीन की गहराई से रसोई तक की यात्रा
अगर सरल शब्दों में समझें तो LPG की यात्रा कुछ ऐसी होती है:
जमीन के नीचे तेल या गैस → रिफाइनरी में प्रोसेस → प्रोपेन-ब्यूटेन अलग → दबाव में तरल बनाया → सिलेंडर में भरा → ट्रक से घर तक → चूल्हे में जलकर खाना पकाती है।
यानी जो गैस आज आपकी रसोई में जल रही है, उसकी शुरुआत करोड़ों साल पहले धरती के अंदर बने तेल और गैस से हुई थी।




