पश्चिम बंगाल (West Bengal Politics) की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress – TMC) के सबसे अनुभवी चेहरों में शामिल शोभनदेब चट्टोपाध्याय (Sovandeb Chattopadhyay) अब विधानसभा में विपक्ष की कमान संभालेंगे। 2026 विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) में हार के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition in West Bengal Assembly) बनाया है।
अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) की अगुवाई वाली भाजपा सरकार (BJP Government in Bengal) को सदन में घेरने की होगी।
TMC ने शोभनदेब को क्यों चुना?
तृणमूल कांग्रेस (TMC Opposition Strategy) ने 18वीं विधानसभा के लिए शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुना। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
इसके साथ ही असीमा पात्रा (Asima Patra) और नैना बंद्योपाध्याय (Nayana Bandyopadhyay) को डिप्टी लीडर ऑफ ऑपोजिशन (Deputy Leader of Opposition) बनाया गया है, जबकि फिरहाद हकीम (Firhad Hakim) विपक्ष के मुख्य सचेतक यानी व्हिप (Chief Whip) होंगे।
यह फैसला शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ (Suvendu Adhikari Swearing-in) लेने के एक दिन बाद आया। ममता बनर्जी भवानीपुर सीट (Bhabanipur Seat Result) हार चुकी हैं और फिलहाल विधानसभा की सदस्य नहीं हैं।
कौन हैं शोभनदेब चट्टोपाध्याय?
82 वर्षीय शोभनदेब चट्टोपाध्याय (Veteran TMC Leader Shobhandeb Chattopadhyay) बंगाल राजनीति के बेहद अनुभवी नेता माने जाते हैं। उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी (Calcutta University) से साइंस और लॉ यानी LLB की पढ़ाई की है।
राजनीति में आने से पहले वे प्रोफेशनल बॉक्सर (Professional Boxer) और ट्रेड यूनियन नेता (Trade Union Leader) रहे।
उन्होंने 1960 के दशक में कांग्रेस (Congress Party Bengal Politics) से राजनीतिक सफर शुरू किया और 1991 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने लगातार 10 चुनाव जीते और कभी हार का सामना नहीं किया।
ममता के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल
शोभनदेब (Mamata Banerjee Close Aide) कांग्रेस में रहते हुए भी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी थे। जब ममता ने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस बनाई, तब शोभनदेब भी उनके साथ आ गए और पार्टी के संस्थापक सदस्यों (Founding Members of TMC) में शामिल हुए।
इंडिया टुडे (India Today Report) के मुताबिक वे TMC के पहले निर्वाचित विधायक भी रहे हैं।
उन्होंने रासबिहारी (Rashbehari Assembly Seat), भवानीपुर (Bhabanipur), खरदाह (Khardaha By-election) और बालीगंज (Ballygunge Assembly Seat) जैसी अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ा और हर बार जीत दर्ज की।
ममता के लिए छोड़ दी थी सीट
2021 के चुनाव (Bengal Election 2021) में जब शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम (Nandigram Election Battle) में ममता बनर्जी को हराया था, तब शोभनदेब ने भवानीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया था ताकि ममता वहां से उपचुनाव लड़ सकें।
ममता ने बाद में भवानीपुर उपचुनाव (Bhabanipur By-election) जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।
2026 में बड़ी जीत
2026 विधानसभा चुनाव (Bengal Polls 2026) में शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने बालीगंज सीट से BJP उम्मीदवार शतरूपा को 61,476 वोटों से हराया।
वे TMC की श्रमिक इकाई इंडियन नेशनल तृणमूल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (Indian National Trinamool Trade Union Congress – INTTUC) के प्रमुख रणनीतिकारों में भी माने जाते हैं।
अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे कृषि मंत्रालय (Agriculture Minister), बिजली विभाग (Power Department) और संसदीय कार्य मंत्रालय (Parliamentary Affairs Minister) जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं।
अब बंगाल विधानसभा (West Bengal Legislative Assembly) में भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष की आवाज बनने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होगी।




