Sheikh Hasina Resignation : बांग्लादेश पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक फिलहाल ख़त्म हो गई है . वहीं खबर है कि शेख हसीना को भारत लेकर आया बांग्लादेश वायुसेना का जहाज आज सुबह वापस लौट गया है . अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि शेख हसीना का अगला पड़ाव किस देश में होंगा। फिलहाल बांग्लादेश में स्थिति काफी डरावनी है . हिंसा अपने चरम स्तर पर है। कानून व्यवस्था पूरी तरह तबाह है . जिससे जेल में मौजूद तमाम कैदी फरार हो चुके है। भारतीय सीमा पर BSF हाई -अलर्ट पर है।
शेख हसीना के बेटे का पाकिस्तान पर आरोप
शेख हसीना के बेटे जीब वाजेद जॉय ने इस बात पर दुःख जताया कि उनकी माँ ने अपने कार्यकाल में बांग्लादेश को एशिया का उभरता हुआ टाइगर बनाया और आज उन्हें अपने ही देश को छोड़ना पड़ा . उन्होंने बांग्लादेश में इस साजिश के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के होने की बात कहीं। साथ ही उन्होंने इसके पीछे अमेरिका की भूमिका से भी इनकार नहीं किया।
हालत पर सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
बांग्लादेश के हालत की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है . इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर बांग्लादेश के हालत पर जानकारी देंगे। यह बैठक अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है . कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद में बांग्लादेश के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रस्ताव पेश किया है . ऐसे में
बांग्लादेश में हालत बेकाबू
बांग्लादेश में हिंसा अपने चरम स्तर पर है। जब से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ा है तब से वहां हालत और बेकाबू हो गए है। प्रदर्शनकारियों ने चटगांव में छह पुलिस थानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। प्रदर्शनकारी पुलिस थानों से हथियार भी लूट ले गए। प्रदर्शनकारी आवामी लीग के नेताओं और अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। वहीं बांग्लादेश में जारी बवाल को शांत करने के लिए सेना प्रमुख आज प्रदर्शनकारियों के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
खलिया जिया को जेल से रिहा करने की तैयारी
आपको बता दे कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति मुहम्मद शहाबुद्दीन ने एलान किया है कि संसद भंग करने के बाद जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन कर लिया जाएगा। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री खलिया जिया के भी रिहाई के आदेश दे दिए गए है। अब कयास लगाए जा रहे है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में खलिया जिया का नाम शामिल किया जा सकता है . खलिया जिया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ( BNP ) की अध्यक्ष है . ये शेख हसीना की आवामी लीक धुर विरोधी है साथ ही मुख्य विपक्षी पार्टी भी है .
क्या है पूरा मामला
बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन की जड़ आरक्षण है . आपको बता दे कि यहां आरक्षण में 56 फीसदी आरक्षण लागू है . इसमें से 30 % आरक्षण 1971 के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों को मिलता है। 10% आरक्षण सामाजिक-आर्थिक तौर पर पिछड़े जिलों के लिए है और 10 फ़ीसदी महिलाओं के लिए. जबकि 5 फ़ीसदी आरक्षण जातिगत अल्पसंख्यक समूहों के लिए और एक फीसदी दिव्यांगों के लिए है.
प्रदर्शनकारी छात्रों का सबसे बड़ा विरोध मुक्ति संग्राम के परिवार वालों को मिलने वाला 30 फ़ीसदी आरक्षण है. इस विरोध के पीछे उनका यह तर्क था कि इस आरक्षण की वजह से मेरिट वाले पीछे रह जाते है और अयोग्य लोगों को नौकरी मिल जाती है . छोटे स्तर से उठे इस मुद्दे ने जल्द ही समूचे बांग्लादेश को अपने आगोश में ले लिया।




