रीवा में गांधी जयंती के अवसर पर केंद्रीय कारागार से सात आजीवन कारावास के बंदियों को रिहा किया गया। शासन की सजा माफी योजना का लाभ पाकर ये सभी बंदी जेल से बाहर आए, जो हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और 10 वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद थे।
जेल में सजा के दौरान इन बंदियों के अच्छे आचरण और व्यवहार को देखते हुए शासन ने इनकी शेष सजा माफ करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद शुक्रवार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इन्हें रिहा कर दिया गया। इस मौके पर जेल अधीक्षक ने सभी रिहा हुए बंदियों को जेल में प्राप्त प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और सकारात्मक जीवन जीने की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान केंद्रीय कारागार परिसर में रिहा हुए बंदियों के परिजन भी मौजूद रहे, जिनके चेहरों पर अपने अपनों की वापसी की खुशी साफ झलक रही थी।




