Sensex nifty down share market: आज सोमवार को भारतीय बाजार में तेजी से गिरावट देखने को मिली है जहां सेंसेक्स करीब 800 अंक पर गिरकर बंद हुआ और निफ्टी 22800 के करीब पहुंच गई वहीं यह गिरावट बढ़ते हुए कच्चे तेल की कीमत और विदेशी कि निवेशक की बिकवाली और वैश्विक तरंगों के कारण यह देखने को मिली है जिससे बैंकिंग मेटल और मिड कैप शेयर में दबाव मिला है।

Market Performance में व्यापक गिरावट का असर
सोमवार को कारोबारी सत्र में BSE Sensex लगभग 800 अंकों पर टूटकर 75000 के नीचे फिसल गया जबकि NSE निफ्टी 22800 के लेवल पर बंद हुआ। शेयर मार्केट में बढ़ते दबाव को देखकर निवेश करने वाले लोगों में चिंता का माहौल देखा गया है। स्टॉक एक्सचेंज के दाता के अनुसार गिरावट केवल चुने हुए शेयर तक ही सीमित नहीं दिख रहा था बल्कि बाजार के बड़े बिकवाली भी देखने को भी मिल रही थी। मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स में भी दो से तीन प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई है।
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Crude Oil में तेजी बना इसका मुख्य कारण
निवेश करने वाले लोगों के अनुसार क्रूड ऑयल की कीमत में उछाल बाजार की गिरावट का प्रमुख कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेड क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया जिससे भारत जैसे आयात निर्भर देश पर दबाव देख रहा है। तेल के दाम बढ़ने से महंगाई और चालू खाता के घाटा बढ़ने की आशंका दिखती है जिसका सीधा असर कॉर्पोरेट के मुनाफे और बाजार की धारणा पर पड़ता है।
Global संकेत और FII बिकवाली का है असर
वैश्विक लेवल पर बढ़ते भू राजनीतिक तनाव और कमजोर संकेत ने बाजार को प्रभावित किया है एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के कारण घरेलू निवेश करने वाले लोगों का भरोसा डगमगाता दिखा। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेश करने वाले लोग लगातार बिकवाली ने बाजार पर ज्यादा दबाव डाला है। एक्सचेंज डाटा के अनुसार हाल ही में विदेशी संस्थागत निवेश करने वाले लोगों ने बड़ी मात्रा में शेयर भेजे हैं जिससे लार्ज कैप स्टॉक में गिरावट तेजी से बढ़ती हुई देखी गई है।
Sector Impact से किन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव
इस तरह की गिरावट होने से सबसे ज्यादा मेटल बैंकिंग और आईटी सेक्टर प्रभावित हुए हैं बैंकिंग शेरों में गिरावट होने से इंडेक्स पर भारी दबाव देखा गया है जबकि मेटल कंपनियां वैश्विक मांग की चिंता से कमजोर है। हालांकि कुछ तेल और गैसों की कंपनियों में शेयरों की मजबूती देखी गई है क्योंकि बढ़ती कीमतें उनके लिए पॉजिटिव है।
निवेश करने वाले लोगों के लिए विश्लेषक की राय
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार अस्थिरता में देख सकता है निफ्टी के लिए 22800 का लेवल सबसे सपोर्ट का लेवल माना जा रहा है और इसके नीचे जाने पर और भी गिरावट की संभावनाएं बताई जा रही हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत फंडामेंटल बाजार को सहारा मिल सकता है निवेश करने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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निवेशकों के लिए क्या है संकेत
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जल्दबाजी में निर्णय लेने से हमें बचाना चाहिए हालांकि यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है इसको निवेश की सलाह बिल्कुल नहीं समझे।
