Vindhya: मंदिर में चढ़ावे के नारियल बेचने का आरोप, पुजारी और भाई पर एफआईआर दर्ज

सतना जिले के प्रसिद्ध खैरुआ सरकार मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत पूरी होने पर चढ़ाए गए नारियलों को कथित रूप से बेचने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद नागौद पुलिस ने मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि मंदिर में चढ़ाए गए नारियलों को बिना किसी अनुमति के करीब 7 हजार रुपये में बेच दिया गया। वहीं, नारियल ले जा रहे एक वाहन को श्रद्धालुओं ने मौके पर रोक लिया और उसमें बड़ी संख्या में मंदिर के चढ़ावे के नारियल मिलने पर गाड़ी को पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।

मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित प्रसिद्ध खैरुआ सरकार मंदिर (Khairua Sarkar Temple) में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नारियलों को कथित रूप से बेचने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद नागौद पुलिस (Nagod Police) ने मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी के खिलाफ अमानत में खयानत (Criminal Breach of Trust) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

श्रद्धालु की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस के मुताबिक, अकौना-साठिया निवासी बृजराज सिंह परिहार ने शिकायत दर्ज कराई कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावे (Temple Offering) के रूप में अर्पित किए गए नारियलों को पुजारी और उनके भाई ने बिना किसी अधिकृत अनुमति के करीब 7 हजार रुपये में बेच दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की गई।

भक्तों ने रास्ते में रोकी नारियल से भरी गाड़ी

शिकायतकर्ता का आरोप है कि नारियल ले जा रहे एक वाहन को कुछ श्रद्धालुओं ने रास्ते में रोक लिया। वाहन में बड़ी संख्या में मंदिर में चढ़ाए गए नारियल मौजूद थे। मामले की जानकारी मिलते ही भक्तों ने वाहन को पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम की जांच तेज कर दी गई।

एसडीएम हैं मंदिर के अधिकृत रिसीवर

जानकारी के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर एसडीएम नागौद (SDM Nagod) को खैरुआ सरकार मंदिर का अधिकृत रिसीवर (Authorized Receiver) नियुक्त किया गया है। मंदिर की संपत्ति, चढ़ावा, खरीदी-बिक्री और अन्य प्रशासनिक फैसलों का अधिकार उनके पास है। ऐसे में बिना अनुमति मंदिर में चढ़ाए गए सामान की बिक्री नियमों के विरुद्ध मानी जा रही है।

पुलिस जुटा रही साक्ष्य

पुलिस का कहना है कि मंदिर के पुजारी को श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई सामग्री को अपनी मर्जी से बेचने का अधिकार नहीं है। फिलहाल मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।

जांच के बाद होगा अगला फैसला

फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मामला सामने आने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में भी नाराजगी देखी जा रही है और मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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