रूस के वैज्ञानिकों ने Ebola Virus के नए strain के खिलाफ नई Ebola Vaccine को विकसित करने का दावा कर लिया है। ऑफिशियल जानकारी के अनुसार या वैक्सीन बूंदी ब्रियो स्ट्रेन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गयाहै। इस खबर के बाद विश्व में स्वास्थ्य एजेंसी और वैज्ञानिक की नजरे अब इसके क्लिनिकल ट्रायल और इसकी प्रभावशीलता पर लगातार बनी हुई है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि यह नया कितना खतरनाक हो सकता है? रूस ने इस वैक्सीन को लेकर क्या दावा किया है और दुनिया इसे किस तरह से देख रही है सभी प्रकार की जानकारी जानेंगे।

नए Ebola strain को लेकर क्यों है चिंता
Ebola Virus दुनिया की सबसे ज्यादा इनफेक्टेड बीमारियों में से एक है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की जानकारी के अनुसार इसके स्ट्रेन में मृत्यु दर काफी ज्यादा है। हाल ही के कुछ महीनो में Bundibugyo strain को लेकर अफ्रीकी देशों में चिंता बढ़ती हुई दिखाई दी क्योंकि इस के लिए अभी तक सीमित वैक्सीन के ऑप्शन ही उपलब्ध है। अन्य जानकारी के अनुसार इसकी पहचान पहले भी हो चुकी है लेकिन मौजूदा आउटब्रेक ने नए रिसर्च की जरूरत को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। डॉक्टर ऐसा मानते हैं कि वायरस के बदलते रूप भविष्य में नई चुनौतियों को उत्पन्न कर सकते हैं।
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Russia की Ebola Vaccine में क्या खास हैं
रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा दावा किया गया है कि उनके वैज्ञानिकों ने ऐसी वैक्सीन बनाई है जो इबोला वायरस से जान बचाने में असरदार हो सकती है। डॉक्टर ने बताया कि यह वैक्सीन शुरुआती टेस्ट में पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रही है। हालांकि अभी तक इस वैक्सीन को पूरी तरह से वैज्ञानिक की रूप से पब्लिकली बताया नहीं गया है। यही कारण है कि इंटरनेशनल वैज्ञानिक के द्वारा क्लिनिकल ट्रायल रिपोर्ट और वेरीफिकेशन होने का अब इंतजार किया जा रहा है। डॉक्टर का कहना है कि किसी भी नई वैक्सीन के लिए उसे बड़े स्तर पर टेस्ट होना बहुत जरूरी होता है।
पहले से मौजूद Ebola Vaccine कितनी प्रभावी है
फिलहाल दुनिया में Er vebo नाम की Ebola Vaccine का इस्तेमाल होता है लेकिन यह मुख्य रूप से Zaire strain के लिए ही प्रभावी है Bundibugyo strain के लिए अलग से रिसर्च की जरूरत महसूस हो रही है। अन्य जानकारी के अनुसार कई देशों की रिसर्च एजेंसी और फार्मास्यूटिकल कंपनी भी इस नए इबोला वायरस पर काम कर रहीहै। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दूसरे इंस्टिट्यूट भी एडवांस वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां क्या देख रही हैं?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और कई हेल्थ ऑर्गेनाइजेशंस फिलहाल इस दावे पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। अगर रस की इबोला वैक्सीन सफल वैक्सीन साबित होती है तो भविष्य में आउटब्रेक को कंट्रोल करना आसान हो जाएगा। ऑफिशियल बयान में डॉक्टर ने बताया कि इबोला जैसे वायरस के मामलों में तेजी से डिटेक्शन आइसोलेशन और वैक्सीनेशन होना बहुत जरूरी है। इसलिए नई वैक्सीन को लेकर वैज्ञानिक सतर्कता और उम्मीद दोनों बनाई हुए हैं।
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भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है वैक्सीन विकास
भारत में फिलहाल Ebola वायरस के मामले बड़े लेवल पर नहीं देखे गए हैं लेकिन ग्लोबल ट्रैवल होने के कारण हेल्थ लेकर सुरक्षा जरूरी बताई गई है। भविष्य में अगर नया वायरस तेजी से फैलता है तो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैक्सीन की उपलब्धता ही अहम भूमिका निभाएगी।




