सागर। लोकायुक्त जबलपुर ने आय से अधिक संपत्ति की जांच करते हुए राज्य जीएसटी विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के यहां जांच आलमारी में रखे हुए 66 लाख 8 हजार 10 रुपये नकद प्राप्त किए है। इतना ही नही श्री जैन ने जमकर सम्पत्ति बनाई है। जो जानकारी आ रही है। उसके तहत लोकायुक्त की अब तक की जांच में जीएसटी विभाग के अफसर के यहां नकदी के अलावा सोना-चांदी, घरेलू सामान, प्लॉट और मकान कागजात भी प्राप्त किए है। लोकायुक्त की टीम उनके बैंक खातों के सबंध में जानकारी ले रही है।
दो करोड़ से ज्यादा की अनुपातहीन संपत्ति
मीडिया खबरों के तहत लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में मनीष कुमार जैन की कुल आय एक करोड़ तीन लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई है, जबकि उनका कुल व्यय करीब तीन करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये बताया गया है। इस तरह आय और व्यय के बीच करीब दो करोड़ 74 लाख 52 हजार रुपये का अंतर सामने आ रहा है, हांलाकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक सम्पत्ति की जांच सामने आ पाऐगी।
छतरपुर का रहने वाला है परिवार
जीएसटी अफसर मनीष जैन मूलत छतरपुर जिले के शाहगढ़ के रहने वाले है। वे शाहगढ़ से बाद बंडा आकर बस गए और यही घर बनाकर रहने लगे। उनके बेटे बंडा में ही अपना बिजनेश करते है और परिवार यही रह रहा है। लोकायुक्त अभी यह भी जांच कर रही है कि उनके बेटों का जो व्यापार है उसमें पिता मरीष कुमार ने कितना इंनवेस्ट किया है और व्यापार में उनका कितना सहयोग रहता है। बहरहाल जीएसटी विभाग के अफसर के यहां हो रही आय से अधिक संपत्ति की जांच से विभाग के लोगों में खलबली है।




