भोपाल। एम्स भोपाल में इन दिनों चूहों की बढ़ती मौजूदगी ने मरीजों और स्टाफ दोनों की चिंता बढ़ा दी है।एनआईसीयू वार्ड में दौड़ लगाते चूहे का वीडियों अब तेजी के साथ वायरल हो रहा है। मशीनों में चूहा खुद को सुरक्षित करता हुआ कैमरें में कैद हुआ है। एनआईसीयू में गंभीर नवजात बच्चो का इलाज किया जाता है।
20 बेड वाला है वार्ड
जानकारी के तहत एम्स के एनआईसीयू में 20 बेड है। सबसे सुरक्षित और सेफ वार्ड में चूहे का दौड़ लगाते हुए वीडियो आने से हड़कम्प मच गया है। एनआईसीयू में चूहों की मौजूदगी से नवजातों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे है। इसे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी मानी जा रही है कि वार्ड में चूहे विचरण कर रहे है और इसके लिए कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है।
चूहे बना चुके है आहार
ज्ञात हो कि इंदौर में भी कुछ महीने पहले चूहों के कुतरने के चलते नवजात की मौत हो गई थी। सतना में चूहों ने मरीजों को कुतर दिए थें, ऐसे में भोपाल एम्स के नवजात बच्चों की गहन चिकित्सा ईकाई में चूहों की मौजूदी से वहां भर्ती नवजातों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, चूहों के शरीर, बाल, पैरों और मल-मूत्र में कई खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं। एनआईसीयू में भर्ती बच्चे पहले से ही कमजोर होते हैं, ऐसे में मामूली संक्रमण भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
