देश दीपक द्विवेदी
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय और आक्रामक मूड में आ गया है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे संभागों के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बनी मौसम प्रणालियों से लगातार भारी मात्रा में नमी मिल रही है, जिसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में वर्षा का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई संभागों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ज्यादा असर विंध्य क्षेत्र में
इस मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर विंध्य क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत पूरे विंध्य में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज बिगड़े रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तो कुछ जगहों पर झमाझम तेज बारिश होने की पूरी संभावना है। विशेष तौर पर रीवा और सतना जिले में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं पैदा होने लगी हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
ग्रामीण अंचलों में लगातार बारिश
इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में लगातार बारिश के चलते छोटे पुल-पुलिया, स्थानीय नदी और नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई अंदरूनी इलाकों का संपर्क मार्ग भी बाधित हुआ है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर नदी-नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी इस सिस्टम को और अधिक ऊर्जा दे रही है, जिससे आगामी कुछ घंटों तक विंध्य अंचल में बादलों की आवाजाही और बारिश का यह सिलसिला यूं ही बना रहेगा।




