उज्जैन। मंदिरों से चढावा चोरी के मामलों ने मदिरों की साख पर बट्रटा लगा रही है। इसी बीच उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने मंदिरों की चोरी को लेकर बड़ा सुझाव दे दिए है। उन्होंने कहा कि बड़े मंदिरों में पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस, ड्रेस कोड और मेटल डिटेक्टर जैसी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
उज्जैन। मंदिरों से चढावा चोरी के मामलों ने मदिरों की साख पर बट्रटा लगा रही है। इसी बीच उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने मंदिरों की चोरी को लेकर बड़ा सुझाव दे दिए है। उन्होंने कहा कि बड़े मंदिरों में पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस, ड्रेस कोड और मेटल डिटेक्टर जैसी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
जब जेबे नही होगी तो चढ़ाव दान पेटी में जाएगा
महंत रवींद्र पुरी महाराज का पुजारियों के कपड़ों की जेब को लेकर कहा है कि कई बार मंदिरों में पहुचने वाले भक्तों के द्वारा पुजारियों को पैसे दे दिए जाते है और वे पैसों को जेब में रख लेते है। जिसका वीडियों वायरल करके सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जाती है। पुरी महराज ने बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में यह व्यवस्था लागू की गई है कि किसी भी पुजारी की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगी। मंदिरों में पूजा के दौरान धोती-कुर्ता पहना जाता है, लेकिन अब कुर्ते में जेब नहीं रखी जाती।
बोले महामंडलेश्वर
चारधाम मंदिर ट्रस्ट के संचालक एवं महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद का मंदिरों में चढ़ावा चोरी को लेकर कहना है कि सभी बड़े मंदिरों में कर्मचारियों और पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू होना चाहिए तथा मेटल डिटेक्टर जांच होना चाहिए। जिससे किसी भी तरह की चोरी या गड़बड़ी की संभावना खत्म हो सके।
बगलामुखी मंदिर में भी चढ़ावा चोरी
ज्ञात हो कि अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रूपए के चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिरों की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है तो इसी बीच मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर का नाम चढ़ावा चोरी में जुड़ गया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बना दी। 7 दिन में कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी।




