खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में मंत्री के लम्बे भाषण पर लोगो ने की हूटिंग, कहा गो बैक, विदेशी कपल बोले…

खजुराहों। मध्यप्रदेश के खजुराहों में प्रति वर्ष फिल्म फेस्टिवल का अयोजन किया जा रहा है। जिसमें कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही कलाकारों को मंच दिया जाना है। इसमें नामचीन कलाकार भी हिस्सा लेते है और वे क्षेत्रिय कलाकारो का उत्साह वर्धन कर रहे है। 52वें खजुराहो नृत्य महोत्सव के उद्घाटन के दौरान मध्यप्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के लंबे भाषण से नाराज दर्शकों और विदेशी पर्यटकों ने भारी हूटिंग की। कार्यक्रम 2 घंटे देरी से शुरू होने और राजनैतिक भाषणों के कारण गुस्साए दर्शकों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए। नाराज इटालियन कपल ने कहा, “हम डांस देखने आए थे, लंबी स्पीच सुनने नहीं

दर्शकदीर्धा ने की हूटिंग

पर्यटन मंत्री श्री लोधी भाषण दे रहे थे और सामने बैठी पब्लिक हूटिंग करने लगी। भाषण खत्म करने की आवाजे उठने लगीं। कुछ लोगों ने तो ‘गो बैक’ के नारे भी लगा दिए। इतना होने के बाद भी मंत्री नहीं रुके। शोर-शराबे के बीच उन्होंने कहा- मैं बस चार पंक्तियां कहकर अपनी बात खत्म करूँगा। इसके बाद उन्होंने वे चार पंक्तियां भी सुनाईं। देश और विदेश से आए पर्यटकों का साफ कहना था कि वे यहां नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने आए हैं, नेताओं के भाषण सुनने नहीं।

जाने क्या है खजुराहो फिल्म फेस्टिवल

खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित होने वाला एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा, कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। प्रसिद्ध अभिनेता राजा बुंदेला द्वारा शुरू किया गया यह उत्सव, देश-विदेश की फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ वर्कशॉप और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करता है। यह फेस्टिवल न केवल सिनेमा को प्रोत्साहित करता है, बल्कि खजुराहो को एक पर्यटन स्थल के रूप में भी बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

खजुराहो फिल्म फेस्टिवल की मुख्य बातें

आयोजन और स्थान- इसका आयोजन मुख्य रूप से शिल्प ग्राम, खजुराहो में होता है।
उद्देश्य- इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को फिल्म निर्माण के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक मंच प्रदान करना है।
फिल्में और संस्कृति- इस उत्सव में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्में दिखाई जाती हैं, जिसमें स्थानीय बुंदेली संस्कृति का भी प्रदर्शन होता है।
प्रमुख हस्तियां- इस आयोजन में फिल्म उद्योग के दिग्गज कलाकार और फिल्मी हस्तियां हिस्सा लेती हैं।
कार्यशालाएं- फिल्म तकनीक, पटकथा लेखन और अभिनय पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं, जो नए कलाकारों के लिए काफी मददगार होती हैं।

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