रीवा। शहर में मानसून की दस्तक से पहले जल-जमाव और बुनियादी समस्याओं को लेकर रीवा नगर निगम में सियासत गरमा गई है। आगामी बारिश के मौसम में शहर को डूबने से बचाने और जन-समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए नगर निगम आयुक्त और पार्षदों के बीच एक महत्वपूर्ण व मैराथन बैठक संपन्न हुई। करीब दो घंटे तक चली इस हाई-वोलिटेज बैठक में पार्षदों ने शहर की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासन को जमकर घेरा। पार्षदों का साफ कहना था कि नगर निगम प्रबंधन समय रहते नहीं जागा, जिसके कारण अब जब मानसून सिर पर आ चुका है, तब आनन-फानन में बैठकें की जा रही हैं।
सीवर लाइन और दूषित पानी को लेकर पार्षदों का फूटा गुस्सा
बैठक के दौरान 45 वार्डों के पार्षदों ने मुख्य रूप से सीवर लाइन की खुदाई के बाद अधूरी छोड़ी गई बदहाल सड़कों, पेयजल संकट और शहर में हो रही दूषित पानी की सप्लाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि सीवर प्रोजेक्ट के कारण पूरे शहर की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे मामूली बारिश में भी राहगीरों का चलना दूभर हो जाएगा। इसके अलावा, कई वार्डों में नालों की डीप क्लीनिंग (गहरी सफाई) न होने के कारण इस बार भी गंभीर जल-भराव की स्थिति निर्मित होने की आशंका जताई गई है। पार्षदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते इन नालों को साफ नहीं किया गया, तो बारिश का पानी लोगों के घरों में घुसना तय है।
12 दिन में 80% समस्याओं के समाधान का दावा: क्या निगम के पास है ‘जादुई छड़ी’?
पार्षदों के भारी विरोध और तीखे सवालों के बीच नगर निगम आयुक्त ने स्थिति को संभालने के लिए एक बड़ा आश्वासन दिया है। कमिश्नर ने दावा किया है कि अगले 12 दिनों के भीतर शहर की लगभग 80% समस्याओं का निराकरण कर लिया जाएगा। इस सीमित समय सीमा पर पार्षदों ने संशय भी जताया कि जो काम महीनों में नहीं हो सका, वह 12 दिन में कैसे संभव है? क्या निगम के पास कोई जादुई छड़ी है? इस पर प्रशासनिक पक्ष की ओर से साफ किया गया कि युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। जिन सड़कों पर सीवर लाइन का काम अधूरा है, उन्हें तत्काल ‘मोटरेबल’ (चलने योग्य) बनाया जा रहा है ताकि आम जनता को सहूलियत हो सके।
युद्ध स्तर पर तैनात होंगी मशीनें, दो दिन में शुरू होगा विशेष कंट्रोल रूम
निगम आयुक्त ने बैठक में कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि अमैया नाले सहित शहर के सभी मुख्य और छूटे हुए नालों की सफाई के लिए आउटसोर्स के माध्यम से अतिरिक्त मशीनें और सफाई मित्रों की विशेष टीमें (नाला गैंग) तैनात की जा रही हैं। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 30 जून तक 6 नई पानी की टंकियों को भी चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, वार्ड स्तर की समस्याओं और गंदे पानी की शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने के लिए आगामी दो दिनों के भीतर एक हाई-टेक ‘विशेष कंट्रोल रूम’ सक्रिय कर दिया जाएगा। पार्षदों के लिए एक डिजिटल ग्रुप भी बनाया जा रहा है, जहां वे अपने वार्ड की लाइव समस्या भेज सकेंगे और निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर उसका निपटारा करेगी।




