NEET UG Exam 21 जून को, एमपी में हाई सिक्योरिटी अलर्ट, बनाए जाऐगे सुरक्षा के दो घेरे, चलेगी स्पेशन ट्रेन

NEET UG Exam। देश भर में नीट यूजी परीक्षा 21 जून को होने जा रही है। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश हाई सिक्योरिटी अलर्ट पर आ गया है। मुख्यमंत्री ने इस परीक्षा को लेकर तैयार बैठक करके जरूरी निर्देश दिए है तो वही प्रशासन स्तर से प्रबंध किए जा रहे है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षार्थियों की व्यवस्था एवं परीक्षा की पवित्रता की तैयारी पर प्रशासन अपनी पूरी ताकत झोक रहा है। जिससे परीक्षा में किसी भी तरह की चूक या फिर गड़बड़ी न हो सकें।

सीआरपीएफ सम्हालेगी मोर्चा

एमपी में होने वाली परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और वापस जमा कराने की जिम्मेदारी पहली बार सीआरपीएफ को सौंपी गई है। वाहनों की निगरानी जिला प्रशासन के अधिकारी करेंगे।

सुरक्षा के दो घेरे

परीक्षा सुरक्षा को पुख्ता किया जा रहा है। इसके लिए दो घेरे बनाए जाऐगे। बाहरी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस और होमगार्ड संभालेंगे, जबकि केंद्र के भीतर की सुरक्षा एनटीए की अधिकृत एजेंसी के जिम्मे रहेगी। केंद्रों पर प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक हर गतिविधि कैमरों की निगरानी में होगी। नकल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए जैमर भी सक्रिय रहेंगे।

चलेगी स्पेशल ट्रेन

नीट अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 20 जून को इंदौर-भोपाल-रतलाम के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन इंदौर, फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर और संत हिरदाराम नगर सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में भोपाल से रतलाम के लिए भी विशेष ट्रेन संचालित होगी। ट्रेन में कुल 17 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 13 स्लीपर, 2 सामान्य और 2 एसएलआर कोच शामिल हैं।

रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक मिलेगी मदद

दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। यहां से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को परिवहन संबंधी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

वायुसेना और पैरामिलिट्री की मदद: परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्रों को सख्त सुरक्षा घेरे में, यहाँ तक कि एयरफोर्स के हेलिकॉप्टरों के जरिए भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
साइबर कमांडो तैनात: पेपर लीक और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नज़र रखने के लिए राज्य में 38 से ज्यादा साइबर कमांडो एक्टिव किए गए हैं, जो परीक्षा से 72 घंटे पहले से पूरी निगरानी कर रहे हैं।
जैमर और CCTV: परीक्षा केंद्रों पर नकल और धांधली रोकने के लिए जैमर लगाए गए हैं और केंद्रों की CCTV से कड़ी निगरानी की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट: डीजीपी और राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों के अधिकारियों को परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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