MP: NEET पेपर दिलाने का झांसा देकर छात्रों से ठगी, इंदौर का लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार

Indore NEET Paper Leak Fraud: इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक लॉ छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट और लिंक साझा कर परीक्षा का पेपर व विशेष अध्ययन सामग्री देने का दावा करता था। जांच में सामने आया है कि उसने यूपीआई समेत विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कुल कितनी राशि की धोखाधड़ी की गई है।

Indore NEET Paper Leak Fraud: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर छात्रों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक लॉ छात्र को इंदौर क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पोस्ट डालकर अभ्यर्थियों को परीक्षा का पेपर और विशेष स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने का लालच देता था तथा उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अक्षय मालवीय लसूड़िया क्षेत्र स्थित आंगन शक्करखेड़ी का निवासी है और इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट (Cyber Crime) के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

कोटा पुलिस की सूचना के बाद हुई गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के संबंध में कोटा पुलिस से ई-मेल के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने के बाद टीआई नीरज मेढ़ा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने जांच शुरू की और देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इंस्टाग्राम पर करता था फर्जी प्रचार

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी NEET परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम (Instagram) पर भ्रामक पोस्ट और विज्ञापन साझा करता था। इन पोस्टों में दावा किया जाता था कि परीक्षा का प्रश्नपत्र या विशेष अध्ययन सामग्री (Study Material) उपलब्ध कराई जाएगी। पोस्ट देखने के बाद छात्र आरोपी की प्रोफाइल में मौजूद लिंक तक पहुंचते थे। लिंक खोलने और कथित सामग्री प्राप्त करने के लिए उनसे ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) कराया जाता था। भुगतान के बाद उन्हें पुरानी या भ्रामक सामग्री उपलब्ध करा दी जाती थी।

30 से ज्यादा लोगों से वसूले पैसे

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला है कि आरोपी ने यूपीआई (UPI) और अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों से करीब 30 से 35 लोगों से राशि प्राप्त की थी। पुलिस को आशंका है कि ठगी का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया (Social Media) का उपयोग कर छात्रों को गुमराह करता था और इसी के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था।

पहले भी साइबर पुलिस के रडार पर था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक NEET परीक्षा रद्द होने के दौरान भी आरोपी ने इसी प्रकार की भ्रामक पोस्ट वायरल की थीं। उस समय से ही वह साइबर पुलिस (Cyber Police) की निगरानी में था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों (Question Papers) और पहले से उपलब्ध सामग्री को एडिट कर नए पेपर के नाम पर प्रचारित करता था। भुगतान के बाद ही छात्रों को वह सामग्री दिखाई जाती थी।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क (Network) में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि अब तक कुल कितने छात्रों से रकम वसूली गई और ठगी की कुल राशि कितनी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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