रीवा। रीवा जिले के 12 निर्धारित केंद्रों पर रविवार को नीट (UG) 2026 की परीक्षा कड़ी सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में जिले के कुल 5236 परीक्षार्थी शामिल हुए। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। परीक्षा केंद्रों पर शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के इतने सख्त इंतजाम थे कि प्रवेश द्वार पर ही अभ्यर्थियों के हाथ के कलावा, गले के रक्षा सूत्र और किसी भी प्रकार के आभूषणों को हटा दिया गया। सख्त ड्रेस कोड के चलते कई छात्रों को मेटल की वस्तुओं और जूतों के कारण मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि केवल लो-हील चप्पल या सैंडल की ही अनुमति दी गई थी।
परीक्षा के दौरान टीआरएस कॉलेज (TRS College) केंद्र पर एक विशेष और मानवीय मामला चर्चा का विषय बना। यहाँ एक छात्र, जो शरीर से अत्यधिक पसीना बहने की मेडिकल समस्या से जूझ रहा था, उसे चेकिंग पॉइंट पर रुमाल ले जाने से रोक दिया गया। छात्र की मां ने मौके पर विरोध जताते हुए दलील दी कि यदि रुमाल नहीं होगा तो पसीने से छात्र की आंसर शीट (OMR Sheet) गीली होकर खराब हो जाएगी। काफी देर तक चली बहस और छात्र की परेशानी को देखते हुए केंद्राध्यक्ष ने नियमों में मानवीय लचीलापन दिखाया और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए छात्र को परीक्षा हॉल के भीतर अलग से एक कोरा सफेद तौलिया इस्तेमाल करने की अनुमति दी।
शहर के विभिन्न केंद्रों जैसे केंद्रीय विद्यालय, पॉलिटेक्निक, जीडीसी और विधि महाविद्यालय में सुबह 11 बजे से ही रिपोर्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से मोबाइल, ब्लूटूथ, घड़ी और बटुआ जैसी सभी इलेक्ट्रॉनिक व धातु की वस्तुओं को केंद्र के बाहर ही प्रतिबंधित कर दिया गया था। प्रशासन ने न केवल छात्रों बल्कि उनके साथ आए अभिभावकों का भी ख्याल रखा और विभिन्न केंद्रों के समीप जयंती कुंज, व्यंकट क्लब और पचमठा जैसे स्थानों को प्रतीक्षा स्थल के रूप में निर्धारित किया था। कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लगातार केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।




