MP: नर्मदा एक्सप्रेसवे से बदलेगी मध्य प्रदेश की तस्वीर, अमरकंटक से गुजरात तक बनेगा 1200 KM का नया कॉरिडोर

Narmada Expressway: प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यह अमरकंटक से शुरू होकर अलीराजपुर तक विकसित किया जाएगा और भविष्य में इसका विस्तार गुजरात के अहमदाबाद तक करने की योजना है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर जबलपुर, खंडवा समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ लगभग 30 राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों (National & State Highways) से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश में यात्रा, व्यापार और माल परिवहन पहले से अधिक तेज और सुगम हो सकेगा।

Narmada Expressway: मध्य प्रदेश में सड़क अधोसंरचना (Infrastructure) को नई रफ्तार देने के लिए प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेसवे (Narmada Expressway) पर तेजी से काम आगे बढ़ाया जा रहा है। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) अमरकंटक से शुरू होकर अलीराजपुर तक जाएगा। मध्य प्रदेश में इसकी कुल लंबाई करीब 906 किलोमीटर होगी, जबकि भविष्य में गुजरात तक विस्तार के बाद इसकी कुल लंबाई लगभग 1300 किलोमीटर तक पहुंचने का अनुमान है।

भविष्य में अहमदाबाद तक बढ़ेगा एक्सप्रेसवे

राज्य सरकार की योजना इस एक्सप्रेसवे को आगे गुजरात के भरूच और अहमदाबाद तक विस्तार देने की है। इसके पूरा होने पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच एक मजबूत High-Speed Road Corridor तैयार होगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन (Logistics) को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

इन प्रमुख शहरों को जोड़ेगा नर्मदा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे नर्मदा नदी के समानांतर पूर्व से पश्चिम दिशा में विकसित किया जाएगा। इसके जरिए मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहर सीधे जुड़ेंगे। इनमें प्रमुख रूप से अमरकंटक (अनूपपुर), डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर शामिल हैं।

30 राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से मिलेगा सीधा संपर्क

नर्मदा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी Multi Highway Connectivity होगी। यह करीब 30 राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों (National Highway & State Highway) से जुड़ने वाला है। इससे महाकौशल, नर्मदापुरम और निमाड़ क्षेत्र के शहरों के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है।

चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण

सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चरणबद्ध तरीके (Phase-wise Development) से विकसित करने की तैयारी कर रही है। फिलहाल भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद यह प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन कॉरिडोर (Transport Corridor) में शामिल हो सकती है।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा फायदा

नर्मदा एक्सप्रेसवे बनने के बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, पेंड्रा और गौरेला-मरवाही क्षेत्र से आने वाले वाहन अमरकंटक के जरिए सीधे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ सकेंगे। इससे जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन और अलीराजपुर तक की यात्रा पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। Coal, Cement और Steel Transportation की लागत और समय में कमी आने की संभावना है, जिससे व्यापार और उद्योग को लाभ मिलेगा। साथ ही अमरकंटक, भेड़ाघाट, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन (Tourism) को नई गति मिलने की उम्मीद है।

गुजरात तक विस्तार से मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का लाभ

यदि भविष्य में एक्सप्रेसवे का विस्तार गुजरात के भरूच या अहमदाबाद तक किया जाता है, तो पूर्वी भारत से पश्चिमी तट तक एक तेज सड़क संपर्क स्थापित होगा। इससे बंदरगाहों (Ports) तक माल परिवहन आसान होगा और तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच आर्थिक गतिविधियों (Economic Growth) को नई मजबूती मिल सकती है।

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