Assam Assembly Elections 2026 : 2026 के असम विधानसभा चुनाव में हाफलोंग सीट पर मुकाबला काफी कड़ा होने की उम्मीद है। दो महिला नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि दोनों महिला नेताओं ने BJP में रहते हुए अपनी पहचान बनाई, लेकिन अब एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। नंदिता ने पिछला चुनाव इसी सीट से जीता था और हिमंत सरकार में मंत्री रहीं, लेकिन जब उनका टिकट काट दिया गया, तो उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया। हाफलोंग में BJP की रूपाली लंगथासा और कांग्रेस की नंदिता गरलोसा के बीच कड़ा मुकाबला है। असम विधानसभा सीट नंबर 113 अनुसूचित जनजातियों के लिए रिज़र्व है। यह दीमा हसाओ जिले में आती है। पहले फेज़ में 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है।
नंदिता 2021 में विधान सभा की सदस्य बनीं। Assam Assembly Elections 2026
BJP उम्मीदवार नंदिता गरलोसा ने 2021 का विधानसभा चुनाव जीता। BJP के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए, उन्हें लगभग 56.7% वोट मिले, जिससे उन्हें कुल 67,797 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस कैंडिडेट निर्मल लंगथासा को 49,199 वोट मिले, जो 41.16 का वोट परसेंटेज है। इस सीट पर करीब 119,518 वोट पड़े और नंदिता 18,598 वोटों (करीब 15.5%) के मार्जिन से जीतीं।
टिकट कटने के बाद नंदिता ने बगावत कर दी। Assam Assembly Elections 2026
BJP की पूर्व मंत्री और 2021 की विनर नंदिता गरलोसा को BJP ने टिकट नहीं दिया। वह BJP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं। BJP ने नंदिता के बजाय रूपाली पर भरोसा जताया। इसके बाद नंदिता बगावत करके कांग्रेस में शामिल हो गईं, जिसने फिर उन्हें अपना कैंडिडेट बनाया। NPP ने डेनियल लंगथासा को नॉमिनेट किया है, जो वोट काटने वाले एजेंट भी हो सकते हैं। हालांकि, असली लड़ाई कांग्रेस और BJP कैंडिडेट के बीच है। पिछला चुनाव यहां BJP ने जीता था, लेकिन चुनाव जीतने वाले पूर्व MLA और मंत्री अब कांग्रेस कैंडिडेट हैं। इस इक्वेशन ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
