Nana Patekar ने फिल्मों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है लेकिन उनकी जिंदगी का संघर्ष भी कम दिलचस्प नहीं रहा है। बहुत कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने सिर्फ 13 साल की उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।

नाना पाटेकर ने कितनी पढ़ाई की थी?
Nana Patekar की शुरुआती पढ़ाई मुंबई में हुई है इसके बाद उन्होंने कल के क्षेत्र में आगे की पढ़ाई शुरू की उन्होंने मुंबई के सर जेजे इंस्टीट्यूट आफ अप्लाइड आर्ट से कॉमर्स आर्ट की पढ़ाई पूरी की और डिप्लोमा हासिल किया। जिसका मतलब है कि उनकी पढ़ाई सिर्फ स्कूल तक ही सीमित नहीं रही है उन्हें कला का बाकायदा ट्रेनिंग मिला था जिसका फायदा उन्हें आगे के करियर में भी देखने को मिला।
ये भी पढ़े: Devara Part-1 First Glimpse देखकर पागल हुए फैंस, कहानी क्या है?
13 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था काम
Nana Patekar का बचपन ज्यादातर आर्थिक परेशानियों में ही गुजारा है उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि करीब 13 साल की उम्र में जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ रहे थे तब से उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। वह फिल्मों के पोस्टर और कट आउट पेंट करने का काम किया करते थे इसके बदले उन्हें महीने में केवल ₹35 ही मिलते थे। काम के लिए उन्हें काफी दूर तक पैदल ही जाना पड़ जाता था। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे सिर्फ पढ़ाई और खेलकूद करते हैं उसे उम्र में नाना पाटेकर पढ़ाई के साथ-साथ कमा भी रहे थे।
पढ़ाई के बाद ऐसे शुरू हुआ उनका करियर
कला की पढ़ाई पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने कमर्शियल आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया था। लेकिन उनका मन धीरे-धीरे थिएटर और एक्टिंग की तरफ बढ़ता गया जिसके बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और आगे चलकर एक ऐसे एक्टर बने जिनकी रोल को आज भी याद किया जाता है। परिंदा क्रांतिवीर ,अग्निसाक्षी के अलावा अब तक 56 और वेलकम जैसी फिल्मों मैं उनके काम को काफी पसंद किया गया है।
ये भी पढ़े: भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, sanjay dutt के बयान से हलचल
Nana Patekar की कहानी से हमे क्या सीख मिलती है?
नाना पाटेकर की जीवन की कहानी सिर्फ एक फिल्म एक्टर की सफलता की कहानी तक की सीमित नहीं है उनकी जिंदगी यह दिखाती है कि मुश्किल हालात में भी पढ़ाई और अपने हुनर को छोड़ नहीं जाता है तो आगे बढ़ने का रास्ता भी मिल जाता है। 13 साल की उम्र में काम शुरू करने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और इस ओनर को अपने करियर का हिस्सा बना लिया यही कारण है कि नाना पाटेकर की शिक्षा और शुरुआती संघर्ष आज भी एक दिलचस्प विषय है।




