Muzaffarpur Hospital Fire : मुजफ्फरपुर अस्पताल में जिंदा जल गए 5 मरीज, मानवाधिकार तक पहुंचा अग्निकांड, कांग्रेस ने निशांत कुमार पर लगाएं लापरवाही के आरोप

Muzaffarpur Hospital Fire : बिहार में मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच मरीज जिंदा जल गए, कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस भीषण अग्निकांड की सूचना जैसे ही दमकलकर्मी की गाड़ियां राहत बचाव के लिए पहुंची अस्पताल से धुआं उठ रहा था। आईसीयू में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट से बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। इस हादसे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सम्राट सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने बिहार के हेल्थ मिनिस्टर निशांत कुमार पर भी सवालों की झ़ड़ी लगा दी। अब ये मामला मानवाधिकार तक पहुंच गया है।

मुजफ्फरपुर अस्पताल का अग्निकांड मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा

बिहार के मुजफ्फरपुर के अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड का मामला अब राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। इस घटना को लेकर एक मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने दोनों आयोगों में याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर हुई इस घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक है ताकि हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

याचिका में मानवाधिकार ने क्या मांग की?

मानवाधिकार की दोनों याचिका में अधिवक्ता ने सुझाव दिया है कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच पारदर्शी और सक्षम हो सके। उन्होंने कहा कि अगर जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन या किसी अन्य पक्ष की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मानवाधिकार अधिवक्ता ने यह भी आग्रह किया है कि दोषियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

अस्पातल की पांचवी मंजिल में ICU में कैसे लगी आग?

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह प्रसाद अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से आधिकारिक पुष्टि अभी तक पांच मौतों की ही हुई है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को राहत एवं बचाव कार्य के तहत दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।

सीएम सम्राट ने 4-4 लाख मुआवजे की घोषणा की

इस हादसे के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मीडिया ने जब उनसे इस दर्दनाक घटना के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में सहारा दें। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं।

हादसे पर निशांत कुमार को कांग्रेस ने घेरा

बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाने के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं। यह बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को दिखाता है। उन्होंने सवाल किया कि अस्पताल को एनओसी किसने दिया और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि यह घटना अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।

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