रीवा में 20 बहुमंजिला इमारतों को नगर निगम का नोटिस, फायर सिस्टम गायब, 7 दिन में कार्रवाई की चेतावनी

Municipal Corporation issues notices to 20 multi-storey buildings in Rewa.

रीवा। शहर में लगातार बढ़ रहे कंक्रीट के जाल और गगनचुंबी मल्टीस्टोरी इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नगर निगम प्रशासन ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रीवा के कई व्यावसायिक और आवासीय कॉम्प्लेक्स में आग बुझाने तथा आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए भीषण हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम की टीम ने शहर में एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है।

15 मीटर से ऊंची इमारतों की जांच में खुली पोल

नगर निगम प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल ने शहर की ऐसी गगनचुंबी इमारतों का सघन निरीक्षण किया, जिनकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक है। इस जांच के दौरान चौकाने वाले तथ्य सामने आए कि अधिकांश बहुमंजिला भवनों में न तो आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहे हैं और न ही आपातकाल के लिए कोई ‘एग्जिट रूट’ (सुरक्षित निकासी मार्ग) बनाया गया है। नियमों की इस खुली अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने प्रारंभिक रूप से शहर के 20 बड़े और नामचीन बहुमंजिला भवनों को चिन्हित किया है।

इन प्रमुख इमारतों और संस्थानों को थमाया गया नोटिस

नगर निगम द्वारा जारी की गई ब्लैक लिस्ट और नोटिस की जद में शहर के कई नामी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल और शैक्षणिक संस्थान आए हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • शिल्पी टूलिप
  • लोटस टावर
  • टंडन टावर
  • होटल लैंडमार्क
  • जॉन टावर
  • सिटी सेंटर
  • हावर्ड इंस्टीट्यूट
  • यूनिक कंप्यूटर
  • शिल्पी प्लाजा

इनके अलावा अन्य 11 बहुमंजिला भवनों के स्वामियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

7 दिनों की मोहलत, वरना सीज होंगे भवन

नगर निगम की सख्त चेतावनी: नोटिस के माध्यम से सभी 20 भवन स्वामियों और प्रबंधकों को फायर सेफ्टी सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए केवल 7 दिनों का समय दिया गया है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित एक सप्ताह के भीतर आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम, एनओसी और उपकरणों को चालू हालत में नहीं लाया गया, तो समय सीमा समाप्त होते ही इन सभी इमारतों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत भवनों को सील करने और बिजली-पानी के कनेक्शन काटने जैसी सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। इस कदम से शहर के अन्य बिल्डरों और रीयल एस्टेट कारोबारियों में भी हड़कंप का माहौल है।

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