MP Today Weather: मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम अब पूर्वी जिलों पर केंद्रित हो गया है, जहां रीवा, सिंगरौली सहित 14 जिलों में आज (21 मार्च) बारिश, ओलावृष्टि और 70 किमी/घंटा से अधिक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी है; पिछले 72 घंटों में राज्य के 40 से अधिक जिलों के 100 से ज्यादा स्थानों पर बारिश और ओले गिरे, जिससे गेहूं, केला, पपीता जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, साथ ही तापमान में तेज गिरावट दर्ज हुई और कई शहरों में अधिकतम पारा 30 डिग्री से नीचे आ गया।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से सक्रिय मौसम सिस्टम अब पूर्वी इलाकों की ओर शिफ्ट हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बना यह सिस्टम अब रीवा-सिंगरौली बेल्ट समेत पूर्वी जिलों में केंद्रित है। शनिवार (21 मार्च) को रीवा, सिंगरौली सहित 14 जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
72 घंटे में 42 जिलों पर असर, 100 से ज्यादा जगहों पर दर्ज हुई बारिश
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 42 जिलों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में सबसे ज्यादा करीब 0.25 इंच (पौन इंच) बारिश हुई, जबकि कई जगहों पर आधा इंच से अधिक पानी गिरा। अलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर समेत कई जिलों में ओलावृष्टि हुई। तेज आंधी और ओलों ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में खड़ी फसलें बिछ गईं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।
तापमान में बड़ी गिरावट, ग्वालियर सबसे ठंडा रहा
लगातार बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। खास बात यह रही कि यहां दिन और रात के तापमान में मात्र 4.7 डिग्री का अंतर रहा। ग्वालियर, दतिया, सतना, रीवा, खजुराहो, भोपाल, जबलपुर समेत कई शहरों में पारा 30 डिग्री से नीचे आ गया। खजुराहो में सबसे ज्यादा 10 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
26 मार्च से फिर मौसम में बदलाव की संभावना
मौजूदा सिस्टम का असर 21 मार्च तक रहेगा। इसके बाद 22 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव कमजोर रहने की उम्मीद है। हालांकि, 26 मार्च के आसपास एक और नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश में फिर बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
