MP में नो UPI डे का असर, 25% तक कारोबार प्रभावित

UPI

भोपाल। UPI पर नए शुल्क के विरोध में मध्य प्रदेश के व्यापारियों ने 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान UPI से लेने से परहेज किया। कई जगह दुकानों के QR कोड और UPI साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा डालकर विरोध जताया गया।

व्यापारियों ने इस दौरान ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए। हालांकि, उज्जैन समेत कुछ शहरों में विरोध का असर ज्यादा नहीं दिखा। व्यापारी संगठनों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, ‘नो UPI डे’ के दौरान प्रदेश में करीब 25% कारोबार प्रभावित हुआ।

15 अक्टूबर से बदलने वाला है UPI नियम

व्यापारियों का यह विरोध 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए UPI शुल्क को लेकर है। नए नियम के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले UPI भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा। 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा।

यह शुल्क ग्राहक को नहीं देना होगा। इसका भुगतान संबंधित व्यापारी करेगा। वहीं 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

भोपाल में करीब 25% कारोबार प्रभावित होने का दावा

भोपाल के व्यापारी संगठन से जुड़े अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, शहर में करीब 80% कारोबार UPI के जरिए होता है। उनके अनुसार, 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ के दौरान भोपाल में करीब 25% कारोबार प्रभावित हुआ।

इंदौर में भी व्यापारियों ने UPI भुगतान से दूरी बनाई। व्यापारियों के अनुसार, इसके चलते करीब 50 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा।

ग्वालियर में CAT के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार UPI से होता है। उनके मुताबिक, ‘नो UPI डे’ पर इसमें करीब 20% की कमी आई।

MP में अगस्त में 63 हजार करोड़ से ज्यादा का UPI कारोबार

NPCI से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश में करीब 50.79 करोड़ UPI लेनदेन हुए। इनकी कुल रकम करीब 63,628 करोड़ रुपये रही। जुलाई में प्रदेश में करीब 49.6 करोड़ UPI लेनदेन हुए थे, जिनकी कुल रकम करीब 66,107 करोड़ रुपये थी।

अगस्त के आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में हर दिन औसतन करीब 1.64 करोड़ UPI लेनदेन हुए। इनकी कुल रकम करीब 2,052 करोड़ रुपये प्रतिदिन बैठती है।

2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान कितने?

राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों के मुताबिक, UPI के करीब 20% व्यक्ति से व्यापारी वाले भुगतान 2,000 रुपये से ज्यादा के हैं। इसी अनुपात को मध्य प्रदेश के आंकड़ों पर देखें तो करीब 12,788 करोड़ रुपये का मासिक UPI कारोबार ऐसे भुगतान के दायरे में आ सकता है।

इस हिसाब से रोजाना करीब 4.13 लाख लेनदेन और लगभग 412 करोड़ रुपये के कारोबार पर नए MDR का असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, यह एक अनुमान है और वास्तविक असर भुगतान के प्रकार, व्यापारी की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

‘नो UPI डे’ के जरिए व्यापारी संगठनों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों तक अपनी नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की है। व्यापारियों की मांग है कि UPI पर प्रस्तावित शुल्क को वापस लिया जाए।

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