Narmada Samagra Meeting: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 18 नर्मदा तटीय जिलों में नर्मदा जयंती भव्य रूप से मनाई जाएगी। साथ ही अब नर्मदा समग्र की समीक्षा बैठक हर महीने आयोजित होगी। मुख्यमंत्री ने नर्मदा परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने, नदी संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने और विभिन्न विभागों के समन्वय से संरक्षण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
Narmada Samagra Meeting: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा (Narmada River) मध्य प्रदेश की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित नर्मदा समग्र (Narmada Samagra) की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और नदी संरक्षण अभियान में समाज, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब नर्मदा समग्र की समीक्षा बैठक हर महीने आयोजित की जाएगी, ताकि विकास और संरक्षण कार्यों की नियमित निगरानी हो सके।
नर्मदा जयंती पर होंगे भव्य आयोजन
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 18 नर्मदा तटीय जिलों में नर्मदा जयंती (Narmada Jayanti) के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नर्मदा आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी, विभिन्न प्रतियोगिताएं और जनजागरूकता अभियान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रदेश की 33 प्रतिशत से अधिक आबादी के जीवन और आजीविका का आधार है। इसलिए नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
परिक्रमा मार्ग पर बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नर्मदा परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने, यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने और पूरे मार्ग पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र विकसित करने और आवश्यकता वाले स्थानों पर दीनदयाल रसोई शुरू करने को भी कहा गया।
‘नमन मिशन’ से होगा समग्र विकास
बैठक में बताया गया कि नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं समग्र विकास के लिए ‘नमन मिशन’ (Naman Mission) तैयार किया गया है। इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। मिशन के संचालन में जल संसाधन, वन, नगरीय विकास, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण और राजस्व सहित कई विभागों की भागीदारी रहेगी। मिशन के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के राज्य अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि वर्ष 2026-27 का रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है।
अमरकंटक में बनेगा जैव विविधता संस्थान
वन विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान (Biodiversity Institute) की स्थापना की जाएगी। साथ ही नर्मदा घाटी क्षेत्र के करीब 415 हेक्टेयर में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे नदी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत किया जा सके।
21 शहरों में बनेंगे 35 एसटीपी
नगरीय विकास विभाग ने बताया कि नर्मदा तट के 21 शहरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP Project) बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा नर्मदा कोष पोर्टल विकसित किया जाएगा और ओंकारेश्वर के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Special Area Development Authority) गठित करने की तैयारी भी चल रही है।
समाज की भागीदारी से सफल होगा अभियान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है। यह अभियान तभी सफल होगा, जब समाज, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।




