MP Today Weather: मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले करीब 60 घंटे से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे तक कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून (Monsoon) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। बीते करीब 60 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश (Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
तीन मौसम प्रणालियों का संयुक्त असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough), ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और पूर्व-पश्चिम शियर जोन (Shear Zone) एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 20 जुलाई की रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे तक भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश जारी रह सकती है।
इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश (Very Heavy Rain) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश (Rain Alert) की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, शाजापुर और मंदसौर सहित कई जिलों में गरज-चमक (Thunderstorm) के साथ बारिश होने की संभावना है।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश, जनजीवन प्रभावित
बुधवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गईं और कुछ मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। लगातार बारिश (Continuous Rain) के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में भी सुधार हुआ है।
बारिश की कमी तेजी से घटी
पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश से प्रदेश में वर्षा का घाटा (Rain Deficit) तेजी से कम हुआ है। सोमवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की जा रही थी, जो अब घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। अब तक प्रदेश में औसतन 12.1 इंच यानी 307.9 मिमी वर्षा (Rainfall Data) दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 13.7 इंच यानी 347.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में अभी भी 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
लगातार बारिश की वजह क्या है?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के ऊपर 7.6 किलोमीटर तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सबसे प्रभावी प्रणाली है। इसके साथ बीकानेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय मानसून द्रोणिका लगातार नमी पहुंचा रही है। वहीं पूर्व-पश्चिम शियर जोन ऊपरी वायुमंडल में बादलों को तेजी से विकसित कर रहा है, जिससे कई स्थानों पर कम समय में तेज बारिश (Cloud Burst-like Rain) हो रही है।
41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही, तो अधिकांश जिलों में वर्षा का घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के आंकड़ों में देवास फिलहाल प्रदेश में सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 18.5 इंच वर्षा दर्ज की गई है। बालाघाट में लगभग 18 इंच, सीहोर में 17.2 इंच और भोपाल में 16.4 इंच बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर आलीराजपुर में अब तक सबसे कम करीब ढाई इंच वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।




