MP: प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर बढ़ता संकट, ऑनलाइन बुकिंग ठप

MP LPG Crisis Hits Homes: मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर लगी रोक के बीच अब घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलिवरी में भी परेशानियां बढ़ गई हैं, जहां ऑनलाइन सर्वर डाउन होने से उपभोक्ता समय पर सिलेंडर नहीं पा रहे हैं और एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं, हालांकि सरकार का दावा है कि प्रदेश में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।

MP LPG Crisis Hits Homes: मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक के बीच अब घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलिवरी में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। कई इलाकों में उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण वे सीधे गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। यहां लंबी कतारें लग रही हैं और कई मामलों में बहस की स्थिति भी बन गई है।

ऑनलाइन सिस्टम में खराबी, डिलिवरी में देरी की शिकायतें

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कई दिनों पहले हो चुकी होने के बावजूद सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहा। गैस एजेंसियां कंपनी से सप्लाई न होने का हवाला दे रही हैं। वहीं, कुछ जगहों पर ऑनलाइन सर्वर डाउन होने से बुकिंग ही नहीं हो पा रही, जिससे लोगों को एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह समस्या भोपाल के शाहपुरा, टीटी नगर, जहांगीराबाद, बागसेवनिया जैसे कई इलाकों में देखी जा रही है।

मंत्री का दावा- पर्याप्त स्टॉक, कोई कमी नहीं

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरक स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी न होने दी जाए। जिला स्तर पर खाद्य विभाग, ऑयल कंपनियों और गैस वितरकों के साथ नियमित बैठकें कर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सीमित सप्लाई, वैकल्पिक ईंधन की सलाह

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई फिलहाल सीमित कर दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोतों जैसे इंडक्शन, लकड़ी या अन्य विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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