Illegal Mineral Transport Crackdown in MP: मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए 40 एआई आधारित ई-चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेक पोस्टों पर एआई तकनीक के माध्यम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी और जांच की जा रही है, जिससे अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका है। अप्रैल 2024 से अब तक अवैध उत्खनन और परिवहन के 10,956 मामले दर्ज किए गए हैं तथा इन मामलों में कुल 83.74 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
Illegal Mineral Transport Crackdown in MP: मध्य प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार तकनीक आधारित नई निगरानी व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में 40 ई-चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। जल्द ही यहां से अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों को सीधे मोबाइल पर ऑनलाइन ई-चालान भेजा जाएगा।
नियमों को मंजूरी मिलते ही शुरू होगी ई-चालान व्यवस्था
खनिज विभाग ने ई-चालान से संबंधित नियम बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिए हैं। जैसे ही इन नियमों को स्वीकृति मिलती है, ई-चेक पोस्ट पर दर्ज अनियमितताओं के आधार पर वाहन मालिकों को तुरंत ई-चालान जारी किया जाएगा। इससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
आधुनिक कैमरे पहचानेंगे वाहनों में लदा खनिज
ई-चेक पोस्ट पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहनों में लोड खनिज की पहचान करने में सक्षम होंगे और यह भी पता लगा सकेंगे कि वाहन में कौन-सा खनिज परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसे इन कैमरों से जोड़ा गया है। इस तकनीक की मदद से खनिज परिवहन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी और अवैध गतिविधियों को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा।
AI आधारित तकनीक से होगी वाहनों की जांच
अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए स्थापित इन ई-चेक पोस्ट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यहां वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर जैसे उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों की सहायता से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी और उनकी गतिविधियों की जांच की जाएगी। इससे अवैध परिवहन पर निगरानी और भी मजबूत होगी।
भोपाल में बना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
अवैध परिवहन की निगरानी को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा भोपाल और रायसेन में जिला स्तर पर भी कमांड सेंटर बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ई-चेक पोस्ट से प्राप्त डेटा की निगरानी की जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रदेश में 728 वैध और 200 से ज्यादा अवैध रेत खदानें
प्रदेश में वर्तमान में 728 रेत खदानें वैध रूप से संचालित हो रही हैं। वहीं 200 से अधिक अवैध रेत खदानों के संचालन की जानकारी भी सामने आई है। इसी को देखते हुए सरकार ने तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।
अवैध उत्खनन और परिवहन के 10,956 मामले दर्ज
वर्ष 2024-2025 के दौरान प्रदेश में अवैध उत्खनन और परिवहन के 10,956 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में फिलहाल जुर्माने की कार्रवाई की गई है, जबकि कानून में गंभीर मामलों में सजा का भी प्रावधान है। अप्रैल 2024 से अब तक दर्ज मामलों के अनुसार अवैध उत्खनन के 1565, अवैध परिवहन के 8540 और अवैध भंडारण के 851 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कुल 83 करोड़ 74 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर हमले भी
अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान कई बार अधिकारियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। कई मामलों में अवैध उत्खनन करने वाले लोग कार्रवाई करने पहुंचे खनिज विभाग या पुलिस के अमले पर हमला कर देते हैं। पिछले वर्ष भिंड जिले में अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे एक प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी की मौत भी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चला विशेष अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जून 2024 में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, खरगोन, हरदा और शहडोल समेत कई जिलों में करीब 200 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान डंपर, पोकलेन मशीन और पनडुब्बी जैसे उपकरण जब्त किए गए, साथ ही 1.25 करोड़ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
