छात्र संघ चुनाव को लेकर एमपी हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मागा जबाब, क्यो नही हुए इलेक्शन, दिए ऐसा निर्देश

जबलपुर। मध्य प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सरकार और उच्च शिक्षा विभाग को फटकार लगाते हुए दो हफ्ते में जवाब मांगा है कि 8 साल से चुनाव क्यों नही हो रहे है, दरअसल साल 2017 से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नही हुए है। जिस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि दो सप्ताह के भीतर शैक्षणिक सत्र 2026-27 का अकादमिक कैलेंडर जारी कर उसमें छात्रसंघ गठन और चुनाव प्रविधान स्पष्ट किए जाएं तथा जानकारी न्यायालय को दी जाए।

किसी तरह का बहना नही चलेगा

छात्र संघ चुनाव कैंलेडर जारी करने एवं चुनाव कराए जाने को लेकर कोर्ट ने कहा कि अब आश्वासनों और बहानों से काम नहीं चलेगा. सरकार को अब चुनाव की पक्की तारीख बतानी होगी। छात्र संघ चुनाव को लेकर दायर की गई याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तरीख कोर्ट ने तय किया है।

छात्र नेता ने दायर की है याचिका

जानकारी के तहत मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में साल 2017 से छात्र संघ चुनाव नही हुए हैं. पिछले 8 साल से छात्र अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी का इंतजार कर रहे हैं। छात्रनेता एवं अधिवक्ता अदनान अंसारी ने इस संबंध में याचिका दायर की है. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

जगी उम्मीदें

छात्र संघ चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रूख के बाद छात्र नेताओं में उम्मीदें जाग गई है। ज्ञात हो कि कॉलेजों में होने वाले चुनाव युवाओं और छात्रों के लिए चुनाव एवं राजनीति की यह पहली पाठशाला मानी जाती है। यही वजह है कि कोर्ट के सख्त रूख के बाद अब छात्र नेताओं में उम्मीदें जाग गई है।

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