MP Today Weather: भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी, कई सड़कें जलमग्न, इंदौर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Today Weather: मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नर्मदा नदी का जलस्तर महज 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है, जबकि अब तक 527 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राजधानी भोपाल में करीब 200 घरों में पानी घुसने के साथ कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में स्कूल बंद रखे गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन भी मध्यप्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

MP Today Weather: मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश (Heavy Rain) ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। लगातार बारिश के चलते नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ (Flood) का खतरा भी बढ़ गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर महज 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में अब तक 527 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इंदौर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली (Weather System) का असर बुधवार को भी बना रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अगले 24 घंटे में इन क्षेत्रों में करीब 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

भोपाल में 200 घरों में घुसा पानी

राजधानी भोपाल में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बनी हुई है। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी पहुंच गया। कई प्रमुख सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर और बिजली वितरण पेटियां पानी में घिर गईं, जिसके चलते एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर भी करीब एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में स्कूली बच्चों से भरी वैन फंस गई। प्रशासन और राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।

नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा

नर्मदा नदी में बढ़ते जलस्तर ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नदी का जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया। पिछले 48 घंटे में जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ चुका है। कई छोटे पुलों के डूबने और निचले इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति सामने आई है।

राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश

प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में राजगढ़ के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश हुई, जबकि खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा। राजगढ़ में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश दर्ज की गई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच बारिश हुई।

अगले चार दिन बेहद अहम

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इसके कारण पिछले 72 घंटे से बारिश का दौर जारी है। वहीं उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। ऐसे में अगले चार दिन मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

45 जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम

लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत तक है। कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश कम दर्ज की गई। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

जुलाई में पूरा हुआ बारिश का कोटा

जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के बावजूद मानसून में आए दो ब्रेक के कारण जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश का कोटा भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन (Monsoon Season) में प्रदेश अभी भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत पीछे है। मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।

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