MP: किसानों को CM मोहन का बड़ा तोहफा! लाइव आकर किए बड़े ऐलान, अब 6 दिन होगी गेहूं खरीद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों, खासकर किसानों को संबोधित करते हुए सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं और फैसलों की जानकारी दी। सीएम ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के समग्र विकास की असली ताकत है तथा समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 (Developed India 2047) की मजबूत नींव रखेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पूरा मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) उनका अपना परिवार बन गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हर नागरिक का सुख-दुख अब उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मार्गदर्शन में प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराते हुए CM मोहन यादव ने किसानों को विकास की सबसे मजबूत कड़ी बताया।

रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन पर किसानों को मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब गेहूं उपार्जन (Wheat Procurement) का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। सीएम ने इसे किसानों की मेहनत का सम्मान बताया। उन्होंने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी छोटे और बड़े किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने की स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है।

मुख्य बदलाव:

  • गेहूं खरीदी अब सप्ताह में छह दिन होगी।
  • शनिवार को भी उपार्जन केंद्र खुले रहेंगे।
  • स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

किसानों की जमीन के बदले चार गुना मुआवजा

भू-अर्जन (Land Acquisition) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा और किसान हितैषी फैसला लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों को मजबूत करने के लिए लिया गया है।

दलहन-तिलहन किसानों के लिए नई घोषणाएं

  • उड़द (Urad) की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।
  • इसके अलावा किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा।
  • सरसों (Mustard) पर भावांतर योजना के तहत किसानों को अब बेहतर दाम मिल रहे हैं।

मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में तेज प्रगति

दुग्ध उत्पादन (Milk Production) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल (Milk Capital) बनाने की दिशा में ठोस काम हो रहा है। इसके तहत अब तक 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा चुका है और दूध उत्पादकों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

दिन में बिजली और सोलर पंप पर 90% सब्सिडी

कृषि बिजली व्यवस्था (Agricultural Power Supply) को बेहतर बनाने के लिए सरकार किसानों को रात की बजाय दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। कृषक मित्र योजना (Krishak Mitra Yojana) के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं, ताकि वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।

सरकार का संकल्प: “सच्चा वादा और पक्का काम”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार लगातार किसान हितों के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने कहा, “सच्चा वादा और पक्का काम हमारी सरकार का संकल्प है। किसानों की समृद्धि ही विकसित मध्य प्रदेश (Developed Madhya Pradesh) की नींव बनेगी। हमने जो वादे किए, उन्हें पूरा करके दिखाया है।” सीएम ने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश का समृद्ध किसान ही वर्ष 2047 में विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “आपकी समृद्धि ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। बीते दो वर्षों में जो रिश्ता हमने निभाया है, उसे आगे भी निभाते रहेंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *