MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार, 22 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Mohan Yadav Cabinet Meeting) में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों पर पड़ने वाला है।
अस्पतालों में बनेंगे शेल्टर होम्स
सबसे पहले बात स्वास्थ्य सेवाओं की करें तो यहां कैबिनेट ने आम लोगों को अस्पतालों में होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सराहनीय फैसला लिया है. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम (Shelter Homes In Government Hospitals In Madhya Pradesh) बनाए जाएंगे। इन शेल्टर होम में परिजनों को रुकने और खाने की सुविधा सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार इस योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी सामाजिक संस्थाओं को दी जाएगी। इस पूरी व्यवस्था के लिए एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी, ताकि यह सेवा जनहित में बनी रहे। यह सुविधा न सिर्फ वर्तमान अस्पतालों में, बल्कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाए।
सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं
कैबिनेट में प्रदेश के अस्पतालों को और एडवांस बनाने के लिए 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अगले 5 वर्षों में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
सीएम केयर योजना 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने सीएम केयर योजना 2026 (CM Care Scheme 2026) की निरंतरता को मंजूरी भी दे दी है। इस योजना पर 5 सालों में 3628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कैंसर और हृदय रोगों के लिए विश्व स्तरीय उपचार, रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट को सुलभ बनाना है। इस योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के विशेष विभाग शुरू किए जाएंगे।
जमीन अधिग्रहण पर मुआवजे के लिए फैक्टर-2 लागू
कैबिनेट ने जमीन अधिग्रहण पर मुआवजे के लिए फैक्टर-2 लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सकेगा।
इसके अलावा, राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन क्षेत्र में 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति मिली है, जिससे 35 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए हैं—अगले 5 वर्षों में कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
वहीं, शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया गया है। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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