Modi Kolkata Speech: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की रैली से पहले भाजपा (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। शहर के गिरीश पार्क इलाके में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को वहां से हटाया गया।
झड़प के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री शशि पंजा (Shashi Panja) ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके ऊपर ईंट फेंकी गई। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह सिर्फ गुंडागर्दी नहीं बल्कि हिंसक राजनीति है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पीएम की रैली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड (Brigade Parade Ground) में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने करीब 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि (R. N. Ravi) भी मौजूद रहे।
पीएम बोले- बंगाल में बदलाव की चर्चा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरे बंगाल में एक ही चर्चा है कि बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जनता ठान लेती है तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती और आने वाला चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि बंगाल की आत्मा को बचाने का चुनाव है।
टीएमसी सरकार पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की सरकार ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) हाल ही में बंगाल आईं, तब उनका विरोध किया गया, जो पूरे देश और महिलाओं का अपमान है।
“जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल में डर और धमकी का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन अब “जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू हो गया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद अपराधियों को जेल भेजा जाएगा और सुशासन स्थापित किया जाएगा।
घुसपैठ और किसानों का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बंगाल में बाहरी लोगों को जमीन पर कब्जा दिलाने की कोशिश हो रही है, जिससे राज्य की जनसंख्या संरचना बदल रही है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में चंद्रकोना में एक आलू किसान ने आत्महत्या की, जो राज्य की कृषि स्थिति को दर्शाता है।




