Milky Mist डेरी फूड का 1553 करोड रुपए का आईपीओ आज 13 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो रहा है कंपनी की प्लानिंग तेज बिजनेस विस्तार के साथ नए कर्ज का बोझ बढ़ने से बचने के लिए हो रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में राजस्व 34% से बढ़कर 3138 करोड रुपए और मुनाफा 176% से बढ़कर 127 करोड रुपए हो गया।

अब Milky Mist की नजर छोटे शहरों पर
मिल्की मिस्ट अब सिर्फ दक्षिण भारत तक ही सीमित ब्रांड नहीं रहना चाहता है यह कंपनी टायर वन के साथ टायर टू और टायर 3 जैसे शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर अपना जोर दे रहा है। अभी कंपनी के पास करीब 3.75 लाख retail आउटलेट्स के प्रोडक्ट उपलब्ध है। सीईओ के रत्नम ने करीब 30% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने का इसमें लक्ष्य बताया है। कंपनी का फोकस सामान्य लिक्विड लिक के बजाय वैल्यू एडेड डेरी प्रोडक्ट पर भीहै। इसमें पोर्टफोलियो में पनीर, चीज, कर्ड यानी दही, योगर्ट, बटर, घी और आइसक्रीम जैसे प्रोडक्ट शामिल है। इसके साथ ही ग्रीक योगर्ट और प्रोटीन फॉक्स प्रोडक्ट जैसे प्रीमियम सेगमेंट भी इस में तेजी से बढ़ाई जा रहेहैं।
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मिल्की मिस्ट के लिए कर्ज क्यों अहम है?
Milky mist की तेज एक्सपेंशन अब तक काफी हद तक पूंजी निवेश और कर्ज पर ही निर्भर रही है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल उधारी करीब 1672 करोड रुपए हो गईहै। इसलिए आगे का विस्तार बिना किसी कर्ज को बढ़ाए करना कंपनी के बैलेंस शीट के लिए महत्वपूर्ण है। आईपीओ के फ्रेश इशू से मिलने वाले 1428 करोड रुपए में करीब 496.86 करोड रुपए कर्ज चुकाने के लिए ही रखा गया है। करीब 469.20 करोड रुपए मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉर्डनाइजेशन पर तथा 155 पॉइंट 31 करोड रुपए रेफ्रिजरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जा रहे हैं।
मिल्की मिस्ट की ग्रोथ के पीछे का कारण क्या है?
फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 1823 करोड रुपए से बढ़कर 3138 करोड रुपए हो गया। इसी अवधि में PAT 19 करोड रुपए से बढ़कर 127 करोड रुपए पहुंच गया। यानी ग्रोथ केवल बिक्री तक ही सीमित नहीं था प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार देखने को मिला है। कंपनी की खासियत उसकी वैल्यू एडेड डेरी मॉडल बताया जा रहा है फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू ग्रोथ करीब 34% है जो की कंपनी के करीब 33% की शुरुआती अनुमान से बेहतरहै।
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अब आगे का आउटलुक और निवेशकों की नजर
आईपीओ का प्राइस बैंड 133 रुपए से 140 रुपए प्रति शेयर हो गया है और शेरों की लिस्टिंग 18 अगस्त को बीएसई और nse पर प्रस्तावित है। 12 अगस्त तक इसका इशू 1.88 गुना तक सब्सक्राइब हो चुका था जबकि 13 अगस्त दोपहर 12:29 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसका सब्सक्रिप्शन 7.58 गुना तक पहुंच गया है। हालांकि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के मुनाफे के मुकाबले आईपीओ वैल्यूएशन करीब 85 गुना अर्निंग पर बैठता है। इसलिए बाजार में ग्रोथ को साथ में लेकर वैल्यूएशन को लेकर सावधानी है।
कुल मिलाकर मिल्की मिस्ट की अगली चुनौती तेजी से ग्रंथ को बनाए रखना और डेबिट को कम करना है ताकि नए शहरों के डिस्ट्रीब्यूशन मजबूत हो और एक्सपेंशन में पर्याप्त प्रॉफिटेबिलिटी हासिल हो।




