Mamata Banerjee X Bio: पश्चिम बंगाल (West Bengal Politics) में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress – TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपना सोशल मीडिया प्रोफाइल बदल दिया है। विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) में करारी हार के बाद अब उन्होंने अपने बायो से “वर्तमान मुख्यमंत्री” हटाकर खुद को “15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री” लिखा है।

ममता बनर्जी (Former West Bengal CM Mamata Banerjee) ने अपने नए बायो में लिखा-
“फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (Founder Chairperson All India Trinamool Congress) और 15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री।”

इससे पहले उनके प्रोफाइल में “ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर, वेस्ट बंगाल (Honourable Chief Minister West Bengal)” लिखा हुआ था।
हार के बाद भी इस्तीफा नहीं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (Bengal Election Results 2026) में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था। हालांकि 7 मई को 17वीं विधानसभा (17th West Bengal Assembly) का कार्यकाल खत्म होने के बाद राज्यपाल आरएन रवि (Governor RN Ravi) ने विधानसभा भंग कर दी। अब राज्य में भाजपा (Bharatiya Janata Party – BJP) सरकार बनने की तैयारी कर रही है।
15 साल बाद सत्ता से बाहर हुई TMC
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee Political Career) 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की सत्ता में थीं। 2021 में 17वीं विधानसभा चुनाव जीतकर वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी थीं। लेकिन 2026 के चुनाव में TMC को बड़ा झटका लगा। भाजपा (BJP West Bengal Victory) ने 293 सीटों वाली विधानसभा में 206 से ज्यादा सीटें जीतकर लगभग 70% स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 80-81 सीटों तक सिमट गई।
सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा, जो भवानीपुर सीट (Bhabanipur Seat Result) से चुनाव हार गईं।
ममता समेत 22 मंत्री चुनाव हारे
इस चुनाव में ममता सरकार (TMC Government Defeat) के कई बड़े चेहरे हार गए। 35 मंत्रियों में से 22 मंत्री चुनाव नहीं जीत पाए।
हारने वालों में महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा (Shashi Panja), ब्रत्य बसु (Bratya Basu), चंद्रिमा भट्टाचार्य (Chandrima Bhattacharya), सुजीत बसु (Sujit Bose), सिद्दीकुल्लाह चौधरी (Siddiqullah Chowdhury), रथिन घोष (Rathin Ghosh) और मोलय घटक (Moloy Ghatak) जैसे नाम शामिल हैं।
1972 के बाद पहली बार बड़ा बदलाव
1972 के बाद यह पहला मौका होगा जब पश्चिम बंगाल में ऐसी पार्टी की सरकार बनेगी जो केंद्र की सत्ता में भी मौजूद है। 1972 में कांग्रेस (Congress Government 1972 Bengal) ने राज्य में 216 सीटें जीती थीं और केंद्र में इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की सरकार थी।
अब भाजपा (BJP Bengal Government Formation) बंगाल में सरकार बनाने जा रही है।
दक्षिण बंगाल में BJP का दबदबा
साउथ बंगाल (South Bengal Election Results) को कभी TMC का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन इस बार यहां भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया।
- नॉर्थ 24 परगना (North 24 Parganas) में BJP ने 18 सीटें जीतीं
- पूर्वी मेदिनीपुर (Purba Medinipur) में BJP को 16 सीटें मिलीं
- हुगली (Hooghly Election Result) में भाजपा ने 15 सीटें जीतीं
- नॉर्थ बंगाल (North Bengal BJP Performance) की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं
- मालदा (Malda Election Result) में BJP को 8 सीटें मिलीं
- जंगलमहल (Junglemahal BJP Wave) में पुरुलिया, बांकुरा और पश्चिम मेदिनीपुर में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई
हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने दक्षिणी बंगाल के कुछ इलाकों में अपनी पकड़ बरकरार रखी, लेकिन यह जीत सत्ता बचाने के लिए काफी नहीं रही।




