पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल ने कथित वारदात से पहले इंटरनेट पर इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जानकारी जुटाई थी। इतना ही नहीं, उसने यह भी सर्च किया था कि क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट होती है? यह जानकारी पुलिस को सिया के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से मिली है।
बेडरूम से मिला एक और मोबाइल
पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले सिया को उसके घर ले जाकर तलाशी ली गई, जहां उसके बेडरूम से एक और मोबाइल फोन बरामद हुआ। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी मोबाइल से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। इसके अलावा घटनास्थल के चश्मदीद गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिससे जांच को नई दिशा मिली है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सामने आए एक वीडियो में सिया हाथ उठाती हुई दिखाई दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उसने मीडिया की ओर आपत्तिजनक इशारा किया, हालांकि, सिया के पिता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार का दरवाजा बंद होने से उसकी उंगलियों में चोट लगी थी और वह वही चोट दिखा रही थी। उनका कहना है कि वीडियो का गलत अर्थ निकाला गया।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस का दावा है कि 18 जून को सिया और उसके कथित साथी चेतन चौधरी ने केतन को पुणे के लोहागढ़ किले की लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई गई थी और डिजिटल सबूतों की मदद से पुलिस हर कड़ी जोड़ने में जुटी है। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी।
केतन के पिता को सिया ने दी थी सांत्वना
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के अगले दिन सिया, केतन के परिवार से मिलने पहुंची थी और उनके पिता को सांत्वना देते हुए कहा था, हिम्मत रखिए, केतन हमें ऊपर से देख रहा है। पुलिस इस मुलाकात को भी जांच का हिस्सा मानकर तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
जांच की परत-दर-परत
पुलिस का दावा है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया गया। इससे पहले भी कथित रूप से कई बार योजना बनाई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है, फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अंतिम सच्चाई अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
केतन अग्रवाल मर्डर केस, पूणे केतन-सिया हत्या मामला, पूणे हत्या केस, राजा-सोनम रघुवंशी मर्डर केस




