वोटर लिस्ट में एमपी के 58 लाख मतदाताओं का बड़ा अंतर, आयोग उठाएगा अब यह बड़ा कदम

भोपाल। मध्य प्रदेश के मतदाताओं का एक बार फिर सत्यापन कराने की तैयारी निर्वाचन आयोग कर रहा है, जिससे वोटर लिस्ट पारदर्शी हो सकें तो वही मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो सकें। यही वजह है कि आयोग मध्यप्रदेश की मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और शुद्ध करने में लगा हुआ है। इसके लिए मैदानी कर्मचारी मौके पर जाएगे और सत्यापन का कार्य करेगे।

ऐसी है दिक्कत

जो जानकारी आ रही है उसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट के बीच 58 लाख मतदाताओं का बड़ा अंतर है। जिसके चलते एक बार फिर मतदाताओं का वेरीफिकेशन निर्वाचन आयोग करने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 29 जून को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की बड़ी बैठक करने वाले है। जिसमें आगामी चुनाव को लेकर चर्चा होना शायद संभव, लेकिन यह बैठक मतदाता सूची को दुरस्थ किए जाने को लेकर विशेष मानी जा रही है।

ऐसे होगा सत्यापन

मध्यप्रदेश की मतदाता सूची सत्यापन को लेकर जो जानकारी आ रही है उसके तहत भारत निर्वाचन आयोग के डेटा और राज्य निर्वाचन आयोग के मतदाताओं का मिलान किया जाएगा। जिसमें कर्मचारी यह जांच करेगें कि जिसका नाम सूची में है उसकी वास्तविक स्थित क्या है। तो वही मैदानी स्तर पर जाकर मतदाताओं का मौके पर सत्यापन की कार्रवाई भी की जाएगी। जिससे मतदाताओं का नाम स्पष्ट हो सकें और मतदाता सूची दुरस्थ की जा सकें। इस सत्यापन से ऐसे मतदाता जिनका नाम सूची में शमिल है वे वास्तव में है या नही, एक ही मतदाता के नाम सूची में कई बार तो नही जोड़े गए है, इन तमाम तरह की जांच राज्य निर्वाचन आयोग एमपी में करने की तैयारी कर रहा है।

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