MP में आयुष्मान योजना पर बड़ा एक्शन: 83 अस्पतालों पर कार्रवाई, 18 ब्लैकलिस्ट और 15 सस्पेंड

भोपाल। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं को लेकर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। योजना से जुड़े मामलों की जांच के बाद प्रदेश के 83 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 18 अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, जबकि 15 अस्पतालों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा 50 अस्पतालों पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के बाद कार्रवाई

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है। इलाज के बाद अस्पताल तय प्रक्रिया के तहत योजना में क्लेम प्रस्तुत करते हैं। इसी प्रक्रिया में मिली अनियमितताओं और शिकायतों के आधार पर अस्पतालों की जांच की गई।

जांच के दौरान योजना के नियमों का उल्लंघन मिलने पर अलग-अलग अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गड़बड़ी की गंभीरता और अस्पताल की भूमिका के आधार पर कार्रवाई तय की गई है।

18 अस्पताल ब्लैकलिस्ट, 15 पर सस्पेंशन

जांच के बाद 18 अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। यानी इन अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज करने की सुविधा से बाहर कर दिया गया है। वहीं, 15 अस्पतालों को सस्पेंड किया गया है। इन अस्पतालों की योजना के तहत सेवाओं पर रोक लगाई गई है।

50 अस्पतालों पर आर्थिक जुर्माना

कार्रवाई की तीसरी श्रेणी में 50 अस्पतालों पर आर्थिक दंड लगाया गया है। इन अस्पतालों से जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा रही है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि आयुष्मान योजना का लाभ सही पात्र मरीजों को मिले। साथ ही योजना के तहत मिलने वाली सरकारी राशि का गलत इस्तेमाल न हो।

अस्पतालों के क्लेम की भी निगरानी

आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की ओर से किए जाने वाले क्लेम और मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं की निगरानी की जाती है। किसी अस्पताल में नियमों का उल्लंघन मिलने पर आर्थिक दंड, सस्पेंशन या ब्लैकलिस्ट जैसी कार्रवाई की जा सकती है। मध्यप्रदेश में 83 अस्पतालों पर हुई कार्रवाई योजना की निगरानी व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से संदिग्ध मामलों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

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