एमपी टूरिज्म। मध्यप्रदेश पर्यटकों की पसंद बन रहा है और यहां देश के पर्यटकों के साथ ही विदेशी टूरिस्टों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। साल 2025 के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में पर्यटकों ने नया इतिहास रच दिया। मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल, राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटकों की इस भारी आमद का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं, जिससे राज्य देश के शीर्ष पर्यटन राज्यों की सूची में 9वें स्थान पर मजबूती से टिका हुआ है।
1 वर्षो में 14 करोड़ पर्यटक
मध्यप्रदेश में पर्यटकों को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे है। उसके तहत वर्ष 2025 के दौरान मध्य प्रदेश में रोजाना औसतन 3.82 लाख से अधिक देशी और करीब 500 विदेशी सैलानी पहुंचे, जिसके दम पर राज्य पूरे साल में करीब 14 करोड़ पर्यटकों की मेजबानी करने में सफल रहा।
पर्यटन मंत्री ने दी जानकारी
दरअसल राज्यसभा में पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार,देश के अन्य राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश ने जबरदस्त वृद्धि दिखाते हुए वर्ष 2021 के 2.55 करोड़ घरेलू पर्यटकों के आंकड़े को वर्ष 2025 में 13.95 करोड़ तक पहुंचा दिया। यह आंकड़ा दिखाता है कि पर्यटक अब केवल पहाड़ों या समुद्र तटों तक सीमित न रहकर मध्य प्रदेश के समृद्ध इतिहास, वन्यजीव अभयारण्यों और आध्यात्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं।
5 सालों में एमपी में देशी पर्यटक 446 प्रतिशत बढ़े
मध्य प्रदेश में पर्यटन विकास की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच सालों (2021 से 2025) में राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 446 प्रतिशत से अधिक की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में कुल 13,95,96,049 घरेलू पर्यटक और 1,81,743 विदेशी पर्यटक पहुंचे। यदि दैनिक औसत के हिसाब से देखें तो राज्य में हर रोज औसतन 3,82,455 देशी और 498 विदेशी सैलानियों ने दस्तक दी।
ऐतिहासिक और वास्तुकला स्थल
- खजुराहो मंदिर: यहाँ के प्राचीन हिंदू और जैन मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और सुंदर शिल्पकला के लिए यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।
- ग्वालियर का किला: राजा सुरगेसन द्वारा स्थापित यह विशाल और भव्य किला महलों, मंदिरों और प्राचीन इतिहास का अनूठा प्रतीक है।
- सांची स्तूप: भोपाल के पास स्थित यह महान बौद्ध स्मारक मौर्य काल की उत्कृष्ट वास्तुकला और पवित्र बौद्ध स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
- ओरछा: बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर अपने सुंदर महलों, राम राजा मंदिर और जहांगीर महल के लिए जाना जाता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल
- उज्जैन: क्षिप्रा नदी के तट पर बसा यह पवित्र शहर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और महाकाल लोक के लिए देश-विदेश के भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।
- ओंकारेश्वर: नर्मदा नदी के बीचों-बीच ‘ओंकार’ (ॐ) आकार में बना यह पवित्र द्वीप भगवान शिव के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग के लिए जाना जाता है।
प्रकृति और वन्यजीव स्थल
- पचमढ़ी: सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा यह मध्य प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है, जिसे ‘सतपुड़ा की रानी’ कहा जाता है। यहाँ सुंदर झरने और हरी-भरी वादियाँ हैं।
- भेड़ाघाट (जबलपुर): नर्मदा नदी के किनारे सफेद संगमरमर की चमकीली चट्टानें और विशाल धुआंधार जलप्रपात पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं।
- कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान: ये दोनों पार्क बंगाल टाइगर (Tiger) और समृद्ध वन्यजीवों के लिए विश्वविख्यात हैं।




