मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश अपने केंद्रीय स्थान और प्राकृतिक व सांस्कृतिक विशेषताओं के कारण कई उपनामों से जाना जाता है। जिनमें भारत का दिल क्योंकि यह देश के केंद्र में स्थित है, और टाइगर स्टेट, सोया स्टेट, नदियों का मायका, हीरा राज्य और लघु भारत (मिनी इंडिया). इसका पुराना नाम मध्य भारत भी था, जिसे 1956 में अन्य क्षेत्रों के साथ मिलाकर मध्य प्रदेश बनाया गया।
क्षेत्रफल और जनसख्या से है परिपूर्ण
मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा भारतीय राज्य और जनसंख्या के हिसाब से पाँचवाँ सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी आबादी 72 मिलियन से अधिक है। इसकी सीमा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान, उत्तर-पूर्व में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र और पश्चिम में गुजरात राज्यों से लगती है। वर्तमान मध्य प्रदेश में प्राचीन अवंती महाजनपद का क्षेत्र शामिल है, जिसकी राजधानी उज्जैन (जिसे अवंतिका भी कहा जाता है) छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारतीय शहरीकरण की दूसरी लहर के दौरान एक प्रमुख शहर के रूप में उभरी। इसके बाद, इस क्षेत्र पर भारत के प्रमुख राजवंशों का शासन रहा। मराठा साम्राज्य ने 18वीं शताब्दी के अधिकांश भाग पर अपना प्रभुत्व जमाया।
मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख नाम
मध्य प्रदेश-हृदय प्रदेश- भारत के ठीक मध्य (बीच) में स्थित होने के कारण, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1950 के दशक में इसका नामकरण किया, जो पहले श्मध्य भारतश् और श्मध्य प्रांतश् के नाम से जाना जाता था।
टाइगर स्टेट – देश में सबसे अधिक बाघों की संख्या और 9 टाइगर रिजर्व होने के कारण, इसे श्टाइगर स्टेटश् कहते हैं।
सोया स्टेट – देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान (40ः से अधिक) होने के कारण।
नदियों का मायका – नर्मदा, ताप्ती, चंबल जैसी कई महत्वपूर्ण नदियाँ यहीं से निकलती हैं, इसलिए इसे नदियों का मायका कहते हैं।
हीरे की नगरी- पन्ना की प्रसिद्ध हीरा खदानों के कारण, जहां भारत के 90ः से अधिक हीरे पाए जाते हैं।
मिनी इंडिया- राज्य की भौगोलिक स्थिति, विभिन्न राज्यों से सीमा, और यहाँ की भाषाओं, खानपान, पहनावे व संस्कृति में विविधता के कारण।
तेंदुआ राज्य- तेंदुओं की सर्वाधिक संख्या के कारण इसे तेंदुआ राज्यश् भी कहते हैं।
निमाड़- नर्मदा नदी के किनारे बसे इस क्षेत्र का नामकरण यहाँ पाए जाने वाले श्नीमश् के पेड़ों की बहुतायत के कारण हुआ, जो यहाँ की जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं।
