पानी का बड़ा स्रोत है मध्यप्रदेश, इन 6 राज्यों तक पहुचता है एमपी का वॉटर, 19 मार्च से चलेगा अभियान

रीवा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए किये गये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। मध्यप्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्यप्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने का भी अभियान चलायें। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।

ऐसे बढ़ाए वॉटर लेवल

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हर पक्के भवन में रूफहार्वेड्डस्टग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाये। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण करायें। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनायें।

एमपी की नदियों का होगा जीर्णोद्वार

बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश मे प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश में पिछले 2 वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है।

19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से युमना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्त्रोत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू करायें। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेड्डस्टग की व्यवस्था करायें।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव श्री बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्यप्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। कमिश्नर कार्यालय से कमिश्नर बीएस जामोद, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी तथा कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर प्रतिभा पाल, आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, डीएफओ लोकेश निरापुरे एवं अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।

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