MP School Praveshotsav 2026: स्कूल चलें हम अभियान के तहत सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को उत्सव में बदल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं साइकिल और किताबों के वितरण ने बच्चों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ा दी। ड्रॉपआउट दर को शून्य करने और नामांकन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के दावों ने इस अभियान को और भी खास बना दिया।
MP School Praveshotsav 2026: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस बार उत्सव के रंग में नजर आई। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत बुधवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव-2026 कार्यक्रम ने शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दे दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बच्चों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें साइकिल व किताबें वितरित कर पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम, बच्चों के साथ संवाद
प्रदेशभर के स्कूलों में प्रवेशोत्सव को त्योहार की तरह मनाया गया। हजारों बच्चों ने एक साथ स्कूलों में प्रवेश लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रदर्शनी देखी और उनके साथ संवाद भी किया। बच्चों ने सीएम के साथ सेल्फी लेकर इस दिन को यादगार बना लिया।
साइकिल, किताबें और योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दूरदराज के विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं, वहीं दोबारा स्कूल लौटने वाले बच्चों को किताबें भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान सीएम ने कहा, “आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है, उन्हें साइकिल मिल रही है। समय बदल रहा है। अब बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं। ”उन्होंने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ऐसा संभव नहीं था कि हर बच्चे तक ये सुविधाएं पहुंचें। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा, “देश बदल रहा है और हमारी सरकार भी उसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।”
ड्रॉपआउट शून्य, नामांकन में 19.6% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में ड्रॉपआउट दर अब शून्य हो गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। नामांकन में 19.6% की वृद्धि हुई है, जबकि शासकीय स्कूलों में बच्चों की प्रगति 32.4% तक पहुंच गई है। सीएम के अनुसार, सांदीपनि और पीएम श्री स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के कारण अब बच्चे निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में आ रहे हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्थानीय भाषाओं में किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विद्यार्थियों को मिली बड़ी सौगातें
- 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म वितरित
- 1 लाख से अधिक छात्रों को लैपटॉप दिए गए
- 76 हजार शिक्षकों की नियुक्ति
- 25 हजार से ज्यादा स्कूलों में 20 लाख विद्यार्थी लाभान्वित
मंत्री बोले- आज शिक्षा का पर्व है
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा, “आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमने एक करोड़ बच्चों का इनरॉलमेंट पूरा कर लिया है। पूरा विभाग ड्रॉपआउट रोकने का प्रयास कर रहा है। ”उन्होंने बताया कि सरकार किताबें निःशुल्क उपलब्ध कराने में सफल रही है और विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाने की योजना है, ताकि शासकीय और निजी स्कूलों के बच्चों दोनों को सस्ती किताबें मिल सकें। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।




