Vijay Mewada Murder Accused Arrested: भोपाल के अशोका गार्डन में होटल संचालक विजय मेवाड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद घायल अवस्था में हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। फिलहाल उसे कड़ी सुरक्षा के बीच हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस उसके स्वस्थ होने के बाद विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
Bhopal Crime News: भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में होटल संचालक विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में आसिफ के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही गिर गया। पुलिस ने उसे तुरंत काबू में ले लिया।वर्तमान में आसिफ को कड़ी सुरक्षा के बीच हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उसके स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
घटना क्या थी?
दरअसल, दो दिन पहले अशोका गार्डन में विजय मेवाड़ा अपने कर्मचारियों के साथ मौजूद थे। इसी दौरान उनके कर्मचारियों और आसिफ उर्फ बम के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। जब विजय मेवाड़ा दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित कराने आगे बढ़े, तो आसिफ और उसके दो साथियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में विजय मेवाड़ा की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन
विजय मेवाड़ा की निर्मम हत्या के बाद उनके परिजनों और कई हिंदू संगठनों ने लगातार न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले परिजनों और संगठनों ने अशोका गार्डन थाने का घेराव भी किया था। बुधवार को हिंदू संगठनों ने आसिफ उर्फ बम पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने और उसके मकान को ध्वस्त करने की मांग को लेकर रोशनपुरा चौराहे पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने की तैयारी में थे, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।




