बैतूल। डीजे के तेज शोर गुल जीवन के लिए खतरनाक साबित हो रहे है। ऐसा ही एक मामला एमपी के बैतूल जिले से सामने आया था। गणेश विसर्जन के दौरान डीजे के तेज आवाज के चलते एक छात्रा की सांसे थम गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और अब ऐसे डीजे संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर रहा है।
10 संचालकों पर अपराध दर्ज
जानकारी के अनुसार बैतूल के कोतवाली और गंज थाना पुलिस ने तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई करते हुए कुल 10 डीजे संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें कोतवाली पुलिस ने 8 और गंज पुलिस ने 2 मामलों में कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई में तेज आवाज में डीजे बजाने के साथ बिना अनुमति संचालन और कुछ मामलों में लोक मार्ग बाधित करने के आरोप शामिल हैं।
इन धाराओं के तहत कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने विसर्जन रैली, जुलूस और जलसे के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा तथा न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ 8 प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार इन मामलों में बीएनएस की धारा 223(बी), मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 7/115 और मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गंज थाना पुलिस ने गणेश विसर्जन के दौरान बिना वैध अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाने और डीजे वाहन खड़ा कर लोक मार्ग बाधित करने के दो मामलों में कार्रवाई की।




