Lockdown of government offices in Rewa on the first day of New Year! रीवा। जहां पूरा देश नए साल 2026 का जोश और उत्साह के साथ स्वागत कर रहा है, वहीं रीवा जिले में सरकारी महकमे की सुस्ती ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आज 1 जनवरी को जिले के ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कई जगह ताले लटके मिले, तो कई दफ्तरों के गेट खुले थे लेकिन अंदर कोई कर्मचारी या अधिकारी नजर नहीं आया।सबसे दयनीय हालत जनपद पंचायत कार्यालय की थी। कार्यालय तो औपचारिक रूप से खुला था, लेकिन अंदर सुई गिरने की आवाज सुनाई दे रही थी, एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं! जरूरी काम जैसे प्रमाण पत्र, आवेदन या पेंशन संबंधी दस्तावेज कराने पहुंचे लोग घंटों इंतजार करते रहे और अंत में निराश होकर लौट गए।
यह समस्या सिर्फ जनपद पंचायत तक महदूद नहीं थी। अन्य विभागों में भी यही नजारा दिखा। नववर्ष की पूर्व संध्या पर देर रात जश्न मनाने और अनौपचारिक ‘छुट्टी’ के मूड ने दफ्तरों को पूरी तरह खाली कर दिया। ध्यान देने वाली बात यह है कि 1 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश में कोई सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं है। राज्य सरकार के 2026 कैलेंडर में यह सामान्य कार्य दिवस है। फिर भी छोटे जिलों में अनुशासन की कमी और ‘नए साल की छुट्टी’ की अनौपचारिक परंपरा ने यह हालत पैदा कर दी।
जनता को भारी मुसीबत
इस अनुपस्थिति से ग्रामीण इलाकों से आए लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। राशन कार्ड, जाति-आय प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड जैसे जरूरी काम अटक गए। एक बुजुर्ग ने कहा, “नए साल पर खुशियां मनाने आए थे, लेकिन दफ्तर बंद देखकर मन खट्टा हो गया। सरकार को कर्मचारियों पर सख्ती करनी चाहिए।”
