सतना में तेंदुए का तांडव: बाड़े में घुसकर 9 भेड़ों को उतारा मौत के घाट, ग्रामीणों में दहशत

Leopard on a rampage in Satna; enters enclosure and kills 9 sheep.

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक आदमखोर तेंदुए ने रात के अंधेरे में भारी तबाही मचाई। जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत नयागांव ग्राम पंचायत के शिवसागर गांव में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात एक तेंदुए ने भेड़ों के बाड़े पर धावा बोल दिया। इस खूनी हमले में 9 भेड़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है।

सुबह उठते ही सामने आया रूह कंपा देने वाला मंजर

जानकारी के मुताबिक, शिवसागर गांव के निवासी सुखीराम पाल, महेश पाल और उर्मिला पाल ने रोज की तरह अपने घर के बाहर बने बाड़े (अहरी) में भेड़ों को बांध रखा था। शुक्रवार सुबह जब परिवार के लोग बाड़े की तरफ गए, तो वहाँ का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाड़े में 9 भेड़ें लहूलुहान हालत में मृत पड़ी थीं, वहीं 3 अन्य भेड़ें गंभीर जख्मों के कारण तड़प रही थीं। चीख-पुकार सुनकर देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

पदचिह्नों से हुई तेंदुए की पुष्टि, अलर्ट पर वन विभाग

शुरुआत में ग्रामीणों ने किसी अज्ञात जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई थी, जिसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। मामला गंभीर होने के कारण मझगवां वन परिक्षेत्र के सहायक रेंजर अपनी टीम के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। जब टीम ने बारीकी से मुआयना किया, तो बाड़े और उसके आसपास तेंदुए के पैरों के निशान (पदचिह्न) मिले। वन विभाग ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यह हमला किसी और ने नहीं बल्कि तेंदुए ने ही किया है।

वन विभाग की अपील: “तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के जंगलों और गांवों में सर्चिंग तेज कर दी गई है। सभी ग्रामीण रात के समय सतर्क रहें और अपने मवेशियों को खुले में बांधने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखें।”

पीड़ित पशुपालकों को मिलेगा उचित मुआवजा

इस अप्रत्याशित घटना के बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मृत और घायल भेड़ों का पंचनामा तैयार किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम घायल भेड़ों के उपचार में जुटी है। वन विभाग ने पीड़ित पशुपालकों को आश्वासन दिया है कि कागजी कार्रवाई और जांच पूरी होते ही शासन के नियमों के तहत उन्हें उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। फिलहाल, तेंदुए के खौफ से ग्रामीण रात में जागने को मजबूर हैं।

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